धनबाद में राजनीति के रोचक रंग : पिता को टिकट नहीं मिला तो झामुमो में गए, बेटे को नहीं मिला तो भाजपा के साथ हुए 

    धनबाद में राजनीति के रोचक रंग : पिता को टिकट नहीं मिला तो झामुमो में गए, बेटे को नहीं मिला तो भाजपा के साथ हुए 

    धनबाद(DHANBAD) : झारखंड में सभी राजनीतिक दल सजग है. पाला बदलने वालों को थोड़ी देर भी बर्दाश्त करने के मूड में पार्टियां  नहीं है. अगर किसी दल से इस्तीफा देकर दूसरे दल में जाने की सूचना मिलती है, तो दूसरे दल में जाने के पहले उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया जाता है. धनबाद के चर्चित घराने के धरनी धर मंडल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है. धरनी धर मंडल ने शुक्रवार को ही इस्तीफा दिया और उसी दिन झामुमो ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया. पूर्व विधायक फूलचंद मंडल के पुत्र धरनी धर मंडल अब भाजपा के हो गए है. भाजपा के प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को झामुमो  केंद्रीय समिति के सदस्य रहे धरनी धर मंडल को पार्टी में शामिल कराया गया. 

    प्रदेश कार्यालय में भाजपा के हुए धरनी धर मंडल 

    असम के मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने पट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया. भाजपा नेताओं ने दावा किया कि धरनी धर  मंडल के भाजपा में शामिल हो जाने से अब सिंदरी विधानसभा में भाजपा की जीत तय हो चुकी है. धरनी धर मंडल ने कहा कि घर वापसी के बाद उन्हें सुखद अनुभूति हो रही है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा फिर से झारखंड में सरकार बनाएगी और पार्टी जो दायित्व देगी, उसका निर्वहन करेंगे. शुक्रवार को ही अलग-अलग दो पत्र जारी किए गए है. इनमें से एक पत्र धरनी धर मंडल की ओर से जारी किया गया है. इसमें उन्होंने झामुमो की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा देने की बात कही है. जबकि दूसरा पत्र झामुमो  के महासचिव विनोद कुमार पांडे की ओर से जारी की गई है. 

    झामुमो ने छह साल के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया है 
     
    इसमें उन्होंने केंद्रीय सदस्य धरनी धर मंडल को पार्टी के सभी पदों से हटाते हुए 6 साल के लिए पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है.  धरनी धर मंडल के भाजपा में शामिल होने से सिंदरी  विधानसभा में इसका क्या असर होगा, इसका पता तो 23 नवंबर को ही चलेगा. लेकिन सूत्र बताते हैं कि झामुमो  का टिकट सिंदरी से नहीं मिलने से नाराज धरनी धर मंडल ने पार्टी से ही त्याग पत्र दे दिया है. यह अलग बात है कि सिंदरी से झारखंड मुक्ति मोर्चा की जीत कभी हुई नहीं है. विनोद बाबू का कार्य क्षेत्र  सिंदरी रहा था. उनके बेटे राज किशोर महतो भी 2009 में चुनाव नहीं जीत सके. यह अलग बात है कि धरनी धर मंडल के पिता फूलचंद मंडल सिंदरी से दो बार के विधायक रहे. एक बार उन्होंने जेबीएम के टिकट से चुनाव जीते  तो दूसरी बार भाजपा के टिकट पर विधायक बने. फूलचंद मंडल धनबाद भाजपा के जिला अध्यक्ष भी रह चुके है. जब बाबूलाल मरांडी ने अलग पार्टी बनाई तो वह उसमें शामिल हो गए.  फिर भाजपा में चले गए.  2019 में जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो वह झारखंड मुक्ति मोर्चा का झंडा उठा लिए.

    धरनी धर मंडल झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति के सदस्य थे 

    फिर उनके पुत्र धरनी धर मंडल झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति के सदस्य बन गए. लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद झामुमो छोड़कर फिर भाजपा में आ गए.  वैसे, 2009 के बाद से सिंदरी  विधानसभा के परिणाम को देखा जाए, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा कभी भी जीत हासिल नहीं कर पाया है. 2009 में जेवीएम के टिकट पर फूलचंद मंडल विधायक बने थे. उन्हें 40,048 वोट आए थे.  जबकि दूसरे स्थान पर मासस  के आनंद महतो थे. उन्हें 36,288 मत प्राप्त हुए थे. 2009 के चुनाव में ही भाजपा के टिकट पर विनोद बाबू के बेटे राज किशोर महतो  चुनाव लड़े, लेकिन तीसरे नंबर पर रहे. उन्हें केवल 18,793 वोट प्राप्त हुए थे. चौथे स्थान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के दुर्योधन चौधरी रहे.  जिन्हें 12,131 वोट प्राप्त हुए.  फिर 2014 के चुनाव में बीजेपी के टिकट पर फूलचंद मंडल विधायक बने. उन्हें 58,623 वोट प्राप्त हुए, जबकि मासस के आनंद महतो  को 52,0 75 मत मिले.  तीसरे स्थान पर झामुमो  रहा.  झामुमो  के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं मन्नु  आलम को 44, 045 वोट प्राप्त हुए. 

    2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के इंद्रजीत महतो विजयी रहे
     
    2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के इंद्रजीत महतो विजई रहे. उन्हें 80,967 वोट प्राप्त हुए. जबकि फिर मासस के आनंद महतो दूसरे स्थान पर रहे.  उन्हें 72,714 मत प्राप्त हुए, जबकि झामुमो  के टिकट पर चुनाव लड़ रहे फूलचंद मंडल को मात्र 33, 583 वोट प्राप्त हुए. 2019 में भाजपा ने फूलचंद मंडल को टिकट नहीं दिया तो वह झामुमो में चले गए और अब 2024 में उनके बेटे को झामुमो  ने टिकट नहीं दिया, तो उनका बेटा धरनी धर मंडल भाजपा में चले गए है.  फूलचंद मंडल का परिवार राजनीतिक रूप से चर्चित घराना रहा है.  फूलचंद मंडल ने लंबे समय से भाजपा की राजनीति की ,अब उनके पुत्र भाजपा में गए है. देखना है कि भाजपा से भी उनकी उम्मीदें पूरी होती है अथवा फिर वह किसी दूसरे दल में जाते है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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