बिना पूंजी -पगहा के तीन दिनों में 10 करोड़ की आमदनी, तरीका जान रह जाएंगे हैरान

    बिना पूंजी -पगहा के तीन दिनों में 10 करोड़ की आमदनी, तरीका जान रह जाएंगे हैरान

    धनबाद(DHANBAD); बिहार के छपरा में कभी देश का मशहूर ठग मिस्टर नटवरलाल उर्फ़ मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव जन्म लिया था. ठगी के उसके सैकड़ो किस्से है. लेकिन अब बिहार के ही अररिया के इस अन्तर्राष्ट्रीय ठग के  गणित को समझिए . बिना पूंजी -पगहा के  10 करोड रुपए का ट्रांजैक्शन ,वह अभी 3 दिनों के भीतर.  यह 10 करोड रुपए की कमाई साइबर ठगी से अगर की गई हो, तो इसपर  आप क्या नहीं चौकेंगे.  बिहार के अररिया  से जितेंद्र कुमार मंडल को रांची की  साइबर क्राइम शाखा ने गिरफ्तार कर जेल तो भेज दिया है.  लेकिन जेल जाने से पहले उसने कई सनसनीखेज खुलासे  किए है. विदेश से इनके तार जुड़े हुए है.  चीन और  हांगकांग सेंटर से झारखंड का लिंक जुड़े होने का भी खुलासा हुआ है.  जितेंद्र मंडल ने बताया है कि अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का संचालन चीन और हांगकांग से हो रहा है.  इसमें चीन के कई लोग , जबकि भारत के दिल्ली, गुजरात, बिहार और झारखंड के कई लोग शामिल है.  

    चीन ,हांगकांग और दुबई से भी जुड़े हैं  तार 

    गिरोह के तार दुबई से भी जुड़े हुए है.  क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है.  इतना ही नहीं , जितेंद्र ने साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के सामने इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भी  खुलासा किया है.  पूछताछ और बैंक खातों की जांच में साइबर क्राइम ब्रांच को यह पता चला है कि जितेंद्र मंडल के खाते में इसी साल जून महीने के तीन दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों से 10 करोड रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए है.  यह राशि देश के अलग-अलग हिस्सों से थोड़ी-थोड़ी कर जमा हुई है.  इस 10 करोड रुपए को तीन दिनों के भीतर चीन और हांगकांग के दर्जनों साइबर अपराधियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए.  पैसे जमा और ट्रांसफर होने का मैसेज जितेंद्र के मोबाइल पर पहुंचा था.  जितेंद्र ने यह भी खुलासा किया है कि उसका बड़ा भाई भी इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का सदस्य है.  अब क्राइम ब्रांच की टीम जितेंद्र के भाई को तलाश रही है.  इस गैंग का खुलासा तब हुआ, जब रांची के एक व्यवसायी  की पत्नी से 85  लाख की ठगी हुई.  साइबर थाने में जुलाई में इसकी प्राथमिक  दर्ज कराई गई. 

    निवेश का ऑफर दिया और कर ली गई ठगी 

     महिला को साइबर ठग ने बताया था कि यूट्यूब में वीडियो लाइक करने पर  पैसे मिलेंगे.  महिला को इसके लिए पैसे भी मिले.  इसे क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से निवेश करने का प्रस्ताव ठगों  ने दिया.  महिला ने निवेश किया और करीब 85  लख रुपए ठग लिए गए.  क्राइम ब्रांच जब जांच शुरू की तो पता चला कि पैसे बिहार के अररिया  निवासी जितेंद्र मंडल के खाते में ट्रांसफर की गई है.  इसके बाद टीम ने छापेमारी कर जितेंद्र को गिरफ्तार किया और उसने सिंडिकेट के बारे में खुलासा किया.  साइबर  ठगी का काम जिला, प्रदेश और देश होते हुए विदेश पहुंच गया है.  विदेश में बैठकर लोगों को ठगा जा रहा है.  साइबर ठगी करने वाले हर नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे है.  जिन तरीकों को लोग समझ गए हैं, उनसे इत्तर  अलग तरीके का इस्तेमाल हो रहा है और लोग ठगे  जा रहे है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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