सिंह मेन्शन और रघुकुल की लड़ाई में और न जाने कितनों के खून से लाल होगी धनबाद की धरती 

    सिंह मेन्शन और रघुकुल की लड़ाई में और न जाने कितनों के खून से लाल होगी धनबाद की धरती 

    धनबाद (Dhanbad) 1960 के आसपास उत्तर प्रदेश के बलिया के गोनिया छपरा गांव से कोयलांचल पहुंचा युवक को भी यह पता नहीं था कि वह एक दिन कोयलांचल का 'किंग' बन जाएगा और पूरे देश के लोग उसे  जानने लगेंगे. अखबारों की वह सुर्खियां बनेगा और मैगजीन वाले कवर पेज पर उसकी तस्वीर छापेंगे. लेकिन समय के साथ ऐसा ही सब हुआ. वह युवक और कोई नहीं बल्कि सूर्यदेव सिंह ही थे. सूर्यदेव सिंह जब तक जीवित रहे, परिवार में एकता बनी रही. लेकिन उनके निधन के बाद परिवार में जो खटपट की शुरुआत हुई, वह कमने के  बजाए बढ़ती चली गई. नतीजा है कि आज की तारीख में सूर्यदेव सिंह का परिवार सिंह मेंशन और रघुकुल में बट गया है.  

    घात -प्रतिघात में टकरा रहे समर्थक 

     इन परिवारों की दरारें काफी मोटी हो गई है.  दोनों परिवारों के बीच चल रही अदावत में कई जाने भी गई है.  हालांकि घात- प्रतिघात में साए की तरह चलने वाले लोगों की पहले भी जाने जाती रही है लेकिन अभी दोनों परिवारों में तनाव कुछ अधिक ही बढ़ गया है.  यह चर्चा इसलिए हो रही है कि सिंह मेंशन के समर्थक  अविनाश सिंह उर्फ सोनू सिंह को रविवार की देर रात को तिसरा क्षेत्र में गोली मारी गई है.  वह दुर्गापुर अस्पताल में जीवन और मरण से जूझ रहे है.  गोली मारने का आरोप रघुकुल के पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह सहित अन्य  पर लगा है.   घटना के बाद  अस्पताल में सूर्यदेव सिंह के पुत्र सिद्धार्थ गौतम इलाज की मॉनिटरिंग करते  रहे.  सिंह मेंशन की बहू रागनी सिंह दुर्गापुर अस्पताल तक गई और परिवार को ढांढस बंधाया, उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सत्ता के दबाव में पुलिस आरोपियो को बचा रही है.  इस मामले में पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा हुआ है. 

    21 मार्च 2017 को हुई थी नीरज सिंह की हत्या 
     
    इन दोनों परिवारों की अदावत की  भयंकर परिणति 21 मार्च 2017 को सामने आई थी  , जब रघुकुल के कर्ता-धर्ता और पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की सरायढेला में अत्याधुनिक हथियारों से हत्या कर दी गई थी.   इस घटना में नीरज सिंह के साथ के तीन और लोग मारे गए थे.  इसके पहले भी 19 जनवरी 2017 को सिंह मेन्शन  के बेहद करीबी रहे रंजय  सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.  नीरज सिंह हत्याकांड में पूर्व विधायक एव नीरज सिंह के चचेरे भाई  संजीव सिंह अभी भी धनबाद जेल में है.  2019 के चुनाव में नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह झरिया सीट से कांग्रेस की  उम्मीदवार बनी और वह चुनाव जीत गई.  हाल के दिनों में कोलियरीयों  तथा आउटसोर्सिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग में वर्चस्व के लिए दोनों घरानों के समर्थक आमने -सामने होते रहे है.  रविवार को  अविनाश सिंह उर्फ सोनू सिंह को गोली मारी गई है, इसके पीछे भी इलाके में दबंगता   कायम करना मकसद बताया जा रहा है.  कहा जा रहा है कि बहुत ही कैलकुलेटिव ढंग से सोनू सिंह को गोली मारी गई है.  झरिया से लेकर जयरामपुर तक यह चर्चा हो रही है कि रविवार की शाम 5 बजे से ही गोली मारने वाले इलाके में घूम रहे थे.  पुलिस की कार्रवाई को पीड़ित पक्ष  संतोषजनक नहीं मान  रहे हैं, हालांकि पुलिस आश्वासन दे रही है कि जल्द ही इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

    रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद 

     


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