नहीं रही सीआरपीएफ जवानों की कलाई सूनी, गिरिडीह में बहनों ने बांधी रेशम की डोर

    नहीं रही सीआरपीएफ जवानों की कलाई सूनी, गिरिडीह में बहनों ने बांधी रेशम की डोर

    गिरिडीह (GIRIDIH): भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन के मौके पर देश की सुरक्षा करने वाले जांबाज सैनिकों की कलाई शुक्रवार को सूना नहीं रहा. बल्कि, गिरिडीह में सीआरपीएफ के जवानों की कलाई में राखी बांधने एक साथ कई बहनें सीआरपीएफ कैंप पहुंच गईं. बस पड़ाव स्थित सीआरपीएफ कैंप में रक्षाबंधन को लेकर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां पीएम मोदी को हर साल राखी भेजने वाली दो बहनें सेजल और चाहत साहु पहुंची. तो भाजपा नेत्री शालिनी वैशखियार भी कई महिलाओं के साथ सीआरपीएफ जवानों को राखी बांधने पहुंची.

    कैंप में दिखा रक्षा बंधन का उत्साह

    इस अवसर पर कमांडेट भरत भूषण जखमोला के साथ सहायक कमांडेट, उप कमांडेट और टूवाईसी समेत कई जवान इन बहनों से राखी बंधवाने के लिए ही उत्साहित दिखे. रक्षाबंधव के प्रसिद्ध गीतों के बीच कैंप में रक्षा बंधन का पर्व पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया. कमांडेट से लेकर जवानों को बहनों ने तिलक लगाया, और इसके बाद राखी बांधी. तो मौके पर जवानों ने भी उनके पांव छूकर आर्शीवाद भी लेते दिखे. इस दौरान जवानों ने बहनों को उपहार देने के साथ स्न्नेह भी देते नजर आएं. कमोवेश, भाई-बहन के इस पवित्र प्यार के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन को लेकर वहां मौजूद बहने जितनी उत्साहित दिखी. उसे अधिक उत्साह जवानों में देखने को मिला. मौके पर हर घर तिरंगा अभियान का उत्साह भी देखने को मिला. क्योंकि जवानों के साथ वहां मौजूद बहनों ने राष्ट्रीय ध्वज भी लहराई. रक्षाबंधन को लेकर ही कमांडेट समेत जवानों ने राखी बांधने पहुंची हर बहनों को राष्ट्रीय ध्वज उपहार के रुप में दिया. इधर कमांडेट जखमोला ने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार ही ऐसा पर्व है, जो सारी दूरियों को खत्म कर देता है.

    रिपोर्ट: दिनेश कुमार, गिरिडीह


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