कुंभ की वजह से गायब हुई धनबाद के इस परिवार की खुशियां 40 दिनों बाद कैसे लौटी, पढ़िए विस्तार से !

धनबाद (DHANBAD) : प्रयागराज कुंभ की वजह से गायब हुई इस परिवार की खुशी 40 दिनों बाद लौटी है. घर के मुखिया वापस आ गए है. झरिया के गोल्डन पहाड़ी निवासी महेंद्र ठाकुर अपने घर लौट आए है. मंगलवार को वह घर लौटे. 40 दिन पहले महाकुंभ में अपनी पत्नी से बिछड़ गए थे. घर वालों ने खोजबीन करते रहे लेकिन कुछ पता नहीं चल रहा था. फिर घर वालो ने उम्मीद छोड़ दी थी. लेकिन अचानक एक फोन कॉल से उनके घर में खुशियां लौट आई. घर वाले इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे है. दरअसल, महेंद्र ठाकुर अपनी पत्नी लीला देवी के साथ फरवरी महीने में महा कुंभ स्नान करने प्रयागराज गए थे. महाकुंभ स्नान के बाद वह अपनी पत्नी से बिछड़ गए. पत्नी तो खोज कर थकने के बाद वापस आ गई.
घर वालों ने भी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चल रहा था
लेकिन महेंद्र ठाकुर का कुछ पता नहीं चला. घर वालों ने भी काफी खोजबीन की. अब आज छोड़ चुके थे. महेंद्र ठाकुर महाकुंभ स्नान के बाद 16 अपनी पत्नी के साथ प्रयागराज रेलवे स्टेशन जा रहे थे. लेकिन रास्ते में लोगों की अधिक भीड़ की वजह से पत्नी से उनके साथ छूट गया. इसके बाद महेंद्र ठाकुर रास्ता भटक गए. विचलित भी हो गए थे. उनके पास पैसे और मोबाइल भी नहीं थे. भटकते-भटकते कई दिनों तक वह पैदल चलते रहे. रास्ते में स्थानीय लोगों से मांग कर खाना खाते रहे. चलते-चलते वह झांसी पहुंच गए. झांसी के ललितपुर पहुंचे, जहां सड़क बनाने का काम चल रहा था.
सड़क निर्माण कर रही कंपनी के लोगों ने की मदद
सड़क निर्माण कर रही कंपनी के लोगों ने उनकी हालत देखकर उनकी मदद की. उनके पास एक छोटी डायरी थी. जिसमें झरिया के एक परिचित का मोबाइल नंबर लिखा हुआ था. उसके बाद उन्होंने सड़क निर्माण में लगे कंपनी के कर्मियों से इस नंबर पर बात करने का अनुरोध किया. सड़क निर्माण में लगे कर्मी पहले से ही उन पर दयालु थे. उन्होंने झरिया बात की और उसकी सूचना झरिया पहुंच गई. इसके बाद तो परिजनों ने कर्मियों से अनुरोध किया कि उन्हें वही रोक रखा जाए, वह लोग झांसी पहुंच रहे है. उसके बाद घर वाले झांसी पहुंचे और उन्हें लेकर घर आये. महेंद्र ठाकुर के लौटने से उनका पूरा परिवार प्रसन्नचित है.
रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो
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