बोकारो में विधायक श्वेता सिंह-जयराम महतो कैसे हुए आमने -सामने, फिर आगे क्या हुआ, पढ़िए इस रिपोर्ट में

धनबाद(DHANBAD): गुरुवार को बोकारो का माहौल दिन से ही गर्म था. उसके बाद सीआईएसएफ के लाठी चार्ज में एक आंदोलनकारी की मौत के बाद माहौल और बिगड़ गया. शुक्रवार को बंदी की घोषणा थी. आगजनी की घटनाएं हुई . गुरुवार को बोकारो की विधायक श्वेता सिंह और डुमरी के विधायक जयराम महतो के समर्थकों के बीच भिड़ंत हो गई. इधर, बोकारो स्टील प्लांट के गेट के बाहर दोनों विधायकों में कहा -सुनी भी हुई. सीआईएसएफ लाठी चार्ज में एक विस्थापित युवक प्रेम कुमार महतो की मौत के बाद जयराम महतो के पहुंचने पर हंगामा हो गया. बोकारो की विधायक श्वेता सिंह के समर्थकों ने कहा कि डुमरी के विधायक का यहां आना ठीक नहीं है. बोकारो में सियासत नहीं चलेगी.
विधायक जयराम महतो पहुंचे तो शुरू हो गया विरोध
जबकि जयराम महतो के लोगों का कहना है कि विधायक की गाड़ी पहुंची तो विरोध शुरू हो गया. मैडम श्वेता सिंह ने कहा कि मेरा विधानसभा है, आप कैसे आ गए. जयराम महतो ने भी सवाल किया कि मैं डुमरी के विधायक की हैसियत से नहीं बल्कि अपनी पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष होने के नाते पहुंचा हूं, वैसे भी विस्थापितों के आंदोलन का हमेशा साथ देता रहा हु. उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या कल जब धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो आएंगे तो क्या आपके समर्थन उनकी गाड़ी का नंबर प्लेट भी उखाड़ देंगे? क्या मंत्री योगेंद्र प्रसाद आएंगे तो उनके साथ भी बुरा बर्ताव होगा. ? क्या पूर्व विधायक पहुंचेंगे तो उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार होगा? जयराम महतो ने कहा कि मैं नारी शक्ति का सम्मान करता हूं, इसलिए चुप रहा. विधायक श्वेता सिंह 2024 में बोकारो विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीती हैं तो जयराम महतो डुमरी से विधायक चुने गए है. जयराम चेहरा महतो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के संस्थापक हैं, जिसे पहले झारखंडी भाषा खतियानी संघ समिति के नाम से जाना जाता था.
कौन था मृतक प्रेम महतो और कहा से की थी पढ़ाई
इधर ,लाठी चार्ज में मृत प्रेम महतो का सपना था कि वह एक दिन बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी करेगा. अप्रेंटिस की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसकी उम्मीद और पक्की हो गई थी. 12 साल पहले निकली वैकेंसी में वह अप्लाई किया था. लेकिन उसे नौकरी नहीं मिली. वह बेंगलुरु से बीटेक की पढ़ाई की थी. नौकरी नहीं मिली तो विस्थापितों के आंदोलन में शामिल हो गया. उसे क्या मालूम था कि नौकरी मिलने के पहले ही उसकी जान चली जाएगी. उसके पिता बोकारो स्टील प्लांट में कर्मचारी है. इस घटना के बाद परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है. इधर शुक्रवार को तड़के बोकारो जिला प्रशासन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जिसमें कहा गया है कि नौकरी की मांग को लेकर बोकारो स्टील लिमिटेड (BSL) प्लांट के एडीएम बिल्डिंग के समीप गुरुवार को विस्थापित अप्रेंटिस संघ द्वारा प्रदर्शन पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त विजया जाधव ने देर रात कार्यालय में बैठक की. बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी,बीएसएल के ईडी, पुलिस उप महानिरीक्षक सीआइएसएफ,अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, अनुमंडल पदाधिकारी चास सुश्री प्रांजल ढ़ांडा आदि शामिल हुए.
क्या कहा गया है जिला प्रशासन के प्रेस रिलीज़ में
उपायुक्त ने घटना की संपूर्ण जिम्मेदारी मानते हुए मुख्य महाप्रबंधक बीएसएल प्लांट हरि मोहन झा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उधर, विस्थापित अप्रेंटिस संघ की सभी मांगों को बीएसएल प्रबंधन ने मान लिया है, जिसमें मुख्य निम्न बातें शामिल हैं- ट्रेनिंग पूरा कर चुके सभी विस्थापित अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं को बीएसएल प्रबंधन 21 दिनों में पद सृजित कर तीन माह के अंदर उन्हें नियुक्ति देगा. वहीं, प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराएगा. वहीं,मृतक के परिजनों को 20 लाख मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नियोजन देना बीएसएल प्रबंधन ने स्वीकार किया है. साथ ही, बीएसएल प्रबंधन घायलों को बीजीएच में मुफ्त उपचार एवं (रु.) 10,000/- मुआवजा देने को राजी हुआ. वहीं, अन्य मांगों के लिए बीएसएल विस्थापितों के साथ प्रति माह 15 तारीख को जिला नियोजन पदाधिकारी एवं अपर समाहर्ता की उपस्थिति में बैठक कर अनुश्रवण करेंगे. उपरोक्त सभी बातों को लेकर उपायुक्त ने अपर समाहर्ता एवं अनुमंडल पदाधिकारी चास को प्रत्येक माह अनुश्रवण कर अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है. उपायुक्त विजया जाधव एवं पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने संयुक्त रूप से जिले वासियों से अपील की है कि वह शांति बनाएं रखें, सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व मनाएं एवं जिला प्रशासन को विधि व्यवस्था संधारण में सहयोग करे.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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