परिवर्तन संकल्प यात्रा के बहाने भाजपा के नेताओं को कैसे मिला 34 सीटों का टास्क, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    परिवर्तन संकल्प यात्रा के बहाने भाजपा के नेताओं को कैसे मिला 34 सीटों का टास्क, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    धनबाद(DHANBAD):  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संथाल- कोयलांचल में परिवर्तन संकल्प यात्रा शुरू करने के लिए झारखंड आए थे.  यात्रा शुरू कर झारखंड से चले गए.  लेकिन उन्होंने इन इलाकों के 34 विधानसभा सीटों पर विजय का टास्क भाजपा नेताओं को दे  गए है.  संथाल परगना  की 18 और कोयलांचल यानी धनबाद प्रमंडल की 16 विधानसभा सीटों पर भाजपा को जीतने का मूल मंत्र भी देकर गए है ,ऐसा भाजपा के ही लोग  बता रहे है.  केंद्रीय गृह मंत्री ने संथाल परगना में परिवर्तन यात्रा की शुरुआत भोगनाडीह  से की तो कोयलांचल में  में झारखंड धाम से की.  मतलब साफ़  है कि भोगनाडीह  आदिवासियों के लिए तीर्थ स्थल से कम नहीं तो गिरिडीह का झारखंड धाम  पर हिंदुओं की बड़ी आस्था है. 

    भाजपा की चुनावी गणित होने लगी है साफ़ 
     
    दोनों स्थानों के चयन के पीछे भाजपा की नीति  अब धीरे-धीरे साफ होने लगी  है कि भाजपा घुसपैठ का विरोध, आदिवासियों के लिए जल ,जंगल ,जमीन  और हिंदुत्व के मुद्दे पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी.  सूत्रों के अनुसार परिवर्तन यात्रा पूरी तरह से चुनावी अभियान है और एक सप्ताह के भीतर भाजपा के नेता और कार्यकर्ता प्रत्येक विधानसभा  में दस्तक देंगे.  गांव-गांव पहुंचेंगे, सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए सभाओं के लिए नेताओं का चयन किया गया है. संथाल परगना में विधानसभा की 18 सीटें  है. इनमें  फिलहाल भाजपा के पास सिर्फ चार सीट  है. 
     
    संथाल परगना  की आठ आदिवासी सुरक्षित सीट  भाजपा के लिए बड़ी चुनौती

    संथाल परगना  की आठ आदिवासी सुरक्षित सीट  भाजपा के लिए बड़ी चुनौती होंगी  और यही वजह है कि भाजपा के पास, जो भी आदिवासी चेहरे हैं, उनका दौरा संथाल परगना  में लगातार जारी है. भाजपा के पास संथाल परगना की चार सीटें  सारठ , देवघर, गोड्डा एवं राजमहल फिलहाल है. कोयलांचल यानी धनबाद प्रमंडल भाजपा के लिए उर्वरक  भूमि रही है. 2019 के विधानसभा चुनाव में कोयलांचल की 16 सीटों में से 8 सीटों पर भाजपा को जीत मिली.  सूत्रों की माने तो भाजपा की योजना है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में कोयलांचल में भाजपा अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने की योजना के साथ चुनाव में उतरे.  परिवर्तन यात्रा में कोयलांचल की 16 सीटों को ध्यान में रखते हुए 11 बड़ी जनसभा की योजना है.  छोटी-छोटी तो कई सभाएं होंगी. इस बार पहली बार धनबाद, गिरिडीह और  बोकारो जिले को मिलाकर प्रमंडल बनाया गया है.  इस प्रमंडल का मुख्यालय धनबाद होगा और यहीं से चुनाव की कमान संभाली जाएगी. 

    कोयलांचल हमेशा भाजपा को खाद- पानी देता रहा

     कोयलांचल हमेशा भाजपा को खाद- पानी देता रहा है.  फिलहाल की  अगर बात की जाए तो धनबाद की 6 विधानसभा सीटों में धनबाद, निरसा, सिंदरी और बाघमारा भाजपा के पास है तो टुंडी में झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक है.  झरिया में कांग्रेस की विधायक है.  बोकारो जिले की बात की जाए तो बोकारो,चन्दन कियारी  सीट भाजपा के पास है.  बेरमो कांग्रेस के पास है एवं गोमिया आजसू के  खाते में दर्ज है.  गिरिडीह जिले की बात की जाए तो गिरिडीह, डुमरी एवं गांडेय  में झारखंड मुक्ति मोर्चा, जमुना एवं धनवार में भाजपा, बगोदर में माले  के विधायक है.  लेकिन 2024 के चुनाव में रिजल्ट को और बेहतर करने के लिए भाजपा ने कड़ी मेहनत शुरू कर दी है.  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा नेताओं को टास्क भी दिया है.  देखना दिलचस्प होगा कि प्रमंडल बनने के बाद धनबाद से चुनावी रणनीति  की कमान कैसे संभाल कर और बेहतर रिजल्ट भाजपा ला सकती है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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