झारखंड में प्रभार में चल रहा सरकारी अमला, किसी अनुमंडल में नहीं है डीएसपी की पोस्टिंग तो कई प्रखण्ड और अंचल में खाली है BDO,CO के पद 

    झारखंड में प्रभार में चल रहा सरकारी अमला, किसी अनुमंडल में नहीं है डीएसपी की पोस्टिंग तो कई प्रखण्ड और अंचल में खाली है BDO,CO के पद 

    रांची(RANCHI): एक तरह झारखंड सरकार प्रशासनिक अम्लों में बड़ा उलटफेर कर, थोक भाव में अधिकारियों का तबादला कर राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार का जुगत लगाती है. वहीं राज्य के कई ऐसे अनुमंडल है जहां डीएसपी जैसा महत्वपूर्ण पद भी खाली पड़ा है. और तो और BDO,CO जैसे अति महत्वपूर्ण और सीधे जनता से जुड़े रहने वाले अधिकारियों के पद भी खाली पड़े है. इस हालत में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि सरकार जिन बड़े बड़े लोक लुभावन वादों की घोषणा कर रही है उसे सरजमी पर कौन उतरेगा. पलामू के कई प्रखंडों में BDO,CO के पद खाली है.तो हुसैनाबाद में अनुमंडल पुलिस अधिकारी का पद एक महीने से खाली पड़ा है.

    ग्रामीण कहां सुनाएंगे अपना दर्द

    हैदरनगर, हुसैनाबाद,और पिपरा में BDO नहीं है तो मोहम्मदगंज में CO का पद खाली पड़ा है. इतना ही नहीं हुसैनाबाद अनुमंडल पुलिस अधिकारी का पद पिछले एक माह से खाली है. ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर सरकार अधिकारियों की पोस्टिंग क्यों नहीं कर रही है.अनुमंडल पुलिस अधिकारी अनुमंडल में एक बड़ा पद होता है. इनके कार्य क्षेत्र में तीन थाना और चार ओपी है. ऐसे में ग्रामीण अब अपनी शिकायत को लेकर अनुमंडल पुलिस कार्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें निराशा हाथ लगती है. ग्रामीणों की सुनवाई अगर थाना में नहीं होगी तो आखिर वह अपना दर्द किसके पास सुनाएंगे.

    जमीन विवाद में बढ़ रही मारपीट की घटना

    इसके अलावा प्रखण्ड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी के नहीं रहने से जमीन से संबंधित कार्य और अन्य विकास कार्य थम से गए हैं. सभी अंचल में जमीन के सर्वे में गड़बड़ी के मामले काफी अधिक है. लेकिन उनकी सुनवाई कही है. उस त्रुटि को दूर करने वाले अधिकारी की कुर्सी खाली पड़ी है.यही कारण है कि जमीन विवाद और गहरा होता जा रहा है. हर दिन जमीन को लेकर मारपीट हो रही है. लेकिन यह सब ठीक कौन करेगा जिनपर जिम्मा जमीन की गड़बड़ी देखने का है वह पद ही खाली पड़ा है.    

    सरकार भूल गई हुसैनाबाद भी कोई अनुमंडल है

    वहीं प्रखंड में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी अपने क्षेत्र और पंचायत के विकास का रोड मैप तैयार करते है. लेकिन जब प्रखण्ड में कोई प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ही नहीं है तो उस प्रखण्ड में कितना विकास होगा. यह सोचने पर ही समझ में आ जाएगा. हैदरनगर,हुसैनाबाद और पिपरा प्रखण्ड में BDO का तबादला हो गया. लेकिन शायद सरकार को उस प्रखण्ड के लिए कोई अधिकारी नहीं मिल रहा है.या फिर सरकार भूल गई है कि झारखंड में कोई हुसैनाबाद,हैदरनगर और पिपरा नाम का भी प्रखण्ड  है.

    सरकार की मंसा पर विधायक ने उठाया सवाल   

    इस मामले में हुसैनाबाद विधायक कमलेश सिंह ने बताया कि लंबे समय से उनके क्षेत्र में तीन प्रखण्ड में bdo की पोस्टिंग नहीं हुई है,अनुमंडल पुलिस अधिकारी का पद खाली है. आखिर सरकार ऐसा क्यों का रही है,यह समझ से परे है. राज्य में अपराध बढ़ा हुआ है,लेकिन फिर भी अनुमंडल पुलिस का एक महत्वपूर्ण पद खाली छोड़ा गया है. गरीब जनता अपनी शिकायत लेकर हर दिन अनुमंडल पुलिस कार्यालय पहुंच रहे हैं. लेकिन वहाँ कोई मौजूद नहीं है जो उनकी फ़रियाद को सुने. इस मामले में कई बार उन्होंने संबंधित अधिकारी को ज्ञापन दिया बावजूद किसी तरह की कोई पहल नहीं की गई है. सरकार की मंसा इससे साफ जाहिर होती है कि वह विकास कार्यों को धरातल पर उतारना चाहती है या फिर विकास की बातें सिर्फ भाषणों और विज्ञापनों तक ही सीमित है.    


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