Ghatshila Byelection: झामुमो को मिला सीपीएम का समर्थन तो क्या कहते है जयराम महतो, पढ़िए अब तक का चुनावी परिदृश्य !

    Ghatshila Byelection: झामुमो को मिला सीपीएम का समर्थन तो क्या कहते है जयराम महतो, पढ़िए अब तक का चुनावी परिदृश्य !

    धनबाद (DHANBAD) : झारखंड के घाटशिला उपचुनाव का रण अब रफ्तार पकड़ चुका है. चुनाव प्रचार तेज है, आरोप-प्रत्यारोप भी चल रहे है. इधर, सूचना मिली है कि सीपीएम की झारखंड इकाई ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार सोमेश सोरेन को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी है. साथ ही पूर्वी सिंहभूम के नेताओं और कार्यकर्ताओं को झामुमो के प्रत्याशी को जिताने में लग जाने को कहा है. पार्टी के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने वरिष्ठ सीपीएम नेत्री वृंदा करात की मौजूदगी में यह घोषणा कर दी है. बता दें कि घाटशिला उपचुनाव भाजपा और झामुमो  दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है. तो विधायक जयराम महतो की पार्टी भी तीसरा कोण बनाने की कोशिश कर रही है.  

    घाटशिला उपचुनाव पार्टियों को क्यों बताएगा औकात 

    यह बात अलग है कि इस सीट पर जीत-हार  का सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. फिर भी एक मनोवैज्ञानिक दबाव तो पार्टियों पर बढ़ेगा ही. झामुमो अभी सत्ता में है, तो भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे को उम्मीदवार बनाया है. मतलब साफ है कि चंपई सोरेन को यह साबित करना है कि वह कोल्हान के टाइगर है. क्योंकि 2024 के विधानसभा चुनाव में कोल्हान में सिर्फ अपनी ही सीट बचा सके थे. इधर झामुमो का मनोबल बढ़ा हुआ है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा कर दी है कि जीत तो पक्की है, अंतर बढ़ाने की जरूरत है. इधर, विधायक जयराम महतो ने भी कहा है कि उपचुनाव में जीत-हार से सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. भाजपा को भी कोई अंतर नहीं पड़ेगा, लेकिन जेएलकेएम को अगर जनता का भरोसा मिला तो पार्टी झारखंड में दोगुनी हो जाएगी. मतलब उसके दो विधायक जीत जाएंगे. 

    2014 के बाद झारखंड में हुए उपचुनाव के क्या रहे परिणाम 

    2014 के बाद झारखंड में पहली बार 2018 में उपचुनाव हुआ. गोमिया और सिल्ली  में उपचुनाव की बात कही जाती है. दरअसल, यह उपचुनाव झामुमो के दो बड़े नेता अमित महतो और योगेंद्र महतो को 2 साल से अधिक सजा होने के बाद हुई थी. इस उप चुनाव में अमित महतो की पत्नी सीमा महतो और योगेंद्र महतो की पत्नी बबीता महतो ने जीत दर्ज की थी. फिर 2019 से 2024 के बीच 6 उपचुनाव हुए. झामुमो ने तीन, कांग्रेस ने दो और आजसू  ने एक सीट पर कब्जा किया. दुमका से बसंत सोरेन ने जीत दर्ज की थी, जबकि मधुपुर से हफीजुल अंसारी और डुमरी से स्वर्गीय जगरनाथ  महतो की पत्नी बेबी देवी ने जीत दर्ज की थी. कांग्रेस ने मांडर और बेरमो से जीत दर्ज की.  बेरमो से कांग्रेस के उम्मीदवार अनूप सिंह जीत हासिल की, जबकि मांडर सीट से बंधु तिर्की की बेटी शिल्पी नेहा तिर्की ने जीत दर्ज की. रामगढ़ सीट पर आजसू की ममता देवी जीती. 


    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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