दुमका के इस हॉस्टल में छात्रा क्यों बन गई नौकरानी? नरक से भी बद्दतर है ये छात्रावास

    दुमका के इस हॉस्टल में छात्रा क्यों बन गई नौकरानी? नरक से भी बद्दतर है ये छात्रावास

    दुमका(DUMKA): दुमका में कल्याण विभाग द्वारा कई छात्रावास संचालित है. इन छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं की घोर किल्लत है. खासकर रसोईया और सुरक्षा प्रहरी की मांग छात्र लंबे समय से करते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक इन छात्रों को आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला. नतीजा छात्र छात्रा दहशत के साए में रहकर अपनी किस्मत गढ़ने में लगे हैं. नगर थाना क्षेत्र के सोनुवा डंगाल स्थित एसपी कॉलेज के फूलो झानो महिला छात्रावास में एक बड़ा हादसा टल गया. 

    पूरा मामला 

    छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को रसोईया के अभाव में खुद से खाना बनाना पड़ता है. खाना लकड़ी पर तो बनाएगी नहीं. नतीजा छोटा एलपीजी सिलेंडर में गैस भरवा कर खाना बनाती है. यह जानते हुए भी कि यह अवैध है इन्हें अवैध कार्य करने पर विवश होना पड़ता है. नतीजा यह होता है कि कभी कभी इन्हें  गैस सिलेंडर में लगी आग की विभीषिका से दो चार होना पड़ता है. सोमवार की दोपहर खाना बनाने के दौरान दो सिलेंडर में आग पकड़ लिया. छात्रावास में अफरा तफरी का माहौल बन गया. छात्राएं अपना अपना सामान लेकर छात्रावास से निकल गयी. सूचना छात्र नेता, प्रसासन और फायर ब्रिगेड को दी गयी. जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुचती तब तक छात्रों की टोली ने आग पर काबू पा लिया. छात्रा बताती है कि एक सप्ताह पूर्व भी एक सिलेंडर में आग लगी थी, लेकिन समय रहते उसपर काबू पा लिया गया. जानकारी मिलते ही सदर अंचलाधिकारी यामुन रविदास फूलो झानो महिला छात्रावास पहुचे. डरी सहमी छात्राओं से मिलकर घटना की जानकारी ली. छात्रावास का मुआयना किया. 

    सभी के सहयोग से आग पर पाया गया काबू 

    जानकारी मिलते ही छात्र नेता राजीव बास्की और राजेंद्र मुर्मू फूलो झानो महिला छात्रावास पहुँचे. सभी के सहयोग से आग पर काबू पाया गया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक बार फिर सरकार से छात्रावास में रसोईया और सुरक्षा प्रहरी की नियुक्ति की मांग की. उन्होंने कहा कि छात्र छात्रा घर छोड़कर यहां पढ़ने आते है लेकिन रसोइया नहीं रहने के कारण उनका ज्यादा समय खाना बनाने में ही बीत जाता है. रसोइया और सुरक्षा प्रहरी नहीं रहने से किसी भी छात्रावास में अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

    पहले भी हो चुकी है इस तरह की घटना 

    दुमका जिला में कल्याण विभाग द्वारा कई छात्रावास संचालित है और इन छात्रावासों में एलपीजी सिलेंडर से आग लगने की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पूर्व हाल के 6 महीनों में दो ऐसी घटना घटी जिससे छात्रों को दहशत में रहना पड़ता है. कुछ महीने पूर्व गिधनी पहाड़ी स्थित एक महिला छात्रावास में छोटा एलपीजी सिलेंडर से आग लगी थी. जिसमें सैकड़ों छात्राओं का सामान के साथ कागजात भी जलकर राख हो गया था. एक छात्रा भी झुलसी थी. वहीं दूसरी घटना शिकारीपाड़ा प्रखंड के एक बालक छात्रावास में घटी थी, जहां खाना बनाने के दौरान छोटा एलपीजी सिलेंडर विस्फोट हो गया था, जिसमें ना केबल छात्रावास का छत उड़ गया था बल्कि 3 छात्र भी घायल हुए थे. इन घटनाओं से भी विभाग और सरकार सबक नहीं ले रही है. कहीं ऐसा ना हो कि कभी बड़ा हादसा हो जाए और घड़ियाली आंसू बहाने के लिए नेताओं की फौज दुमका पहुचने लगे. 

    रिपोर्ट: पंचम झा 


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