गढ़वा:तपती धूप में खाली पैर बच्चों से करवाई जा रही है बाल मजदूरी, महज 100 रुपयों के लिए दिन भर तोड़ रहे बीडी  पत्ता  

    गढ़वा:तपती धूप में खाली पैर बच्चों से करवाई जा रही है बाल मजदूरी, महज 100 रुपयों के लिए दिन भर तोड़ रहे बीडी  पत्ता  

    गढ़वा(GADHWA):देश में सरकार की ओर से बाल मजदूरी को रोकने के लिए कई तरह की योजनाओं को चलाया गया है, ताकि बच्चों को उनके शिक्षा का अधिकार मिल सके है, लेकिन फिर भी देश के कई क्षेत्रों से बाल मजदूरी के मामले सामने आते रहते है, ताजा मामला गढ़वा जिले से सामने आया है, जहां जिला में छोटे-छोटे बच्चों से करवाया जा रहा है.जिन हाथों में कलम होनी चाहिए उन नाजूक हाथों को काम दिया जा रहा है.महज कुछ रुपयों के लिए बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है. 

    संवेदक छोटे छोटे बच्चों से काम करा रहा है 

    आपको बता दें कि सी टु के फुलवार वन क्षेत्र से पतियों को तोड़वा कर सी वन के करमाही में रखवाया जा रहा है.पत्तियों को तोड़वा ने के बाद खलीहान में सुखाने का काम चल रहा है.वहीं सबसे बड़ी बात ये है कि इसमे संवेदक छोटे छोटे बच्चों से काम करा रहा है.इसके एवज में उन्हें एक सौ मजदूरी दिया जा रहा है.सी वन के घाघरा खलिहान में काम कर रहे बाल मजदूर विकास, गोल्डी,धिरज,शिवपुजन सभी बच्चे करीब सात से नौ वर्ष के है. 

    पढ़ें बाल मजदूरी कर रहे बच्चों ने क्या कहा 

    वहीं काम कर रहे बच्चों ने बताया कि पत्तियों को तोड़ने और सुखाने के लिए हमलोग को एक सौ रुपए दिया जाता है. संवेदक अपने एसी गाड़ी में घूम रहा है और आदिम जनजाति के गरीब बच्चे इस तपती धूप में खाली पैर काम कर रहे हैं. बच्चों को पैर में जुता या चप्पल भी नहीं पहनने दिया जाता है, क्योंकि पत्तियों को नुकसान हो जाएगा. घाघरा खलिहान पर काम देख रहे बलिगढ के स्थानीय लोगों  ने बताया बाल मजदूर से काम लेना तो ग़लत है लेकिन हम क्या करें मुंशी अरूण यादव काम करवा रहा है और पैसा भी वही देता है. 

    इन दिनों बीडी पता के तोड़ाई का काम तेजी से चल रहा है 

    आपको बताये कि ये पूरा मामला गढ़वा जिले भवनाथपुर क्षेत्र का है.जहां सुरक्षित वन क्षेत्र अन्तर्गत इन दिनों बीडी पता के तोड़ाई का काम तेजी से चल रहा है.जिसके लिए गढ़वा निगम ने वन क्षेत्र के पता तोड़ाई के लिए क्षेत्र कि निलामी की है. सी वन क्षेत्र में भवनाथपुर प्रखंड के करमाही, घाघरा, सरैया, बेल पहाड़ी तथा केतार प्रखंड के बलिगढ,खोनहर,चेचरिया, नावाडीह, बांसडीह, बक्शीपुर,जोगीयावीर, सोनवर्षा, खैरवा,पाचाडुमर वन क्षेत्र शामिल है. सी टू वन क्षेत्र का निलामी नहीं हुआ है, जिसमे फुलवार, कोण मंडरा, धनी मंडरा,चौरा का नाम शामिल है. जिन क्षेत्रों की निलामी नहीं हुआ है उस क्षेत्र से भी निगम अधिकारियों की मिली भगत से संवेदक पता की तोड़ाई करवा रहा है.  

    पढ़ें बाल मजदूरी पर निगम वन क्षेत्र पदाधिकारी किशोर खलखो क्या कहा 

    मोबाइल पर बात करते हुए निगम के वन क्षेत्र पदाधिकारी किशोर खलखो ने बताया कि सी टू वन क्षेत्र का निलामी नहीं हुआ है, यदि उन क्षेत्रों से पतियों को तोड़वा कर सी वन क्षेत्र में लाया जाता है तो ग़लत है.जांच किया जाएगा. बाल मजदूर के सवाल पर कहा बाल मजदूर से काम लेना कानूनन अपराध है.यदि बच्चों से काम लिया जा रहा है तो गलत है.   


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