धनबाद के गोविंदपुर में बनेगा एलिवेटेड फ्लाई ओवर या निकलेगा बाईपास, जानिए क्यों रुका हुआ है सिक्स लेन का काम


धनबाद (DHANBAD): धनबाद में बरवड्डा से लेकर बराकर तक सिक्स लेन के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए नई कंपनी को काम का आवंटन हो गया है. लेकिन गोविंदपुर और निरसा बाजार को लेकर फंसे पेंच को ठीक करना भी एक बड़ी समस्या है. एनएचएआई के अधिकारियों ने धनबाद के उपायुक्त के साथ बैठकर की है. धनबाद के सांसद पीएन सिंह से भी मुलाकात की है. लेकिन काम अभी शुरू नहीं हुआ है. वैसे कंपनी ने यहां अस्थाई कार्यालय बना लिया है और संभवत बहुत जल्द ही काम शुरू हो सकता है. लेकिन जिन कारणों से पहली कंपनी ने काम छोड़ दिया, उनका समाधान ढूंढना भी अधिकारियों के लिए चुनौती होगी. पहले की कंपनी गोविंदपुर और निरसा बाजार के लोगों को जमीन देने से राजी करने में विफल रही और उलझनों के कारण उसने काम ही छोड़ दिया.
सड़क की दोनों ओर चाहिए 22. 5-22. 5 मीटर जगह
हालांकि उस समय की कंपनी ने यह निर्णय लिया था कि गोविंदपुर और निरसा बाजार के दोनों तरफ उसे 22. 5 -22. 5 मीटर जगह की जरूरत है और लोगों के घरों तक सटाकर सिक्स लेन सड़क बनाई जा सकती है. यह प्रस्ताव भी गया था फिर पता नहीं क्या हुआ ,इस प्रस्ताव पर अमल नहीं हुआ और कंपनी ने काम ही छोड़ दिया. हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर गोविंदपुर के लोग चिंतित भी थे, उन्हें परेशानी थी कि घर का दरवाजा खोलते ही उन्हें सिक्स लेन पर उतरना होगा. घर के सामने एक बाइक लगाने की भी जगह नहीं मिलेगी. इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ. सूत्रों के अनुसार एनएचएआई के अधिकारी गोविंदपुर के लिए दो प्रस्ताव दो प्रस्ताव पर काम कर रहे है.
बाईपास निकालने का और एलिवेटेड फ्लाई ओवर का है प्रस्ताव
एक प्रस्ताव तो बाईपास निकालने का है ,दूसरा प्रस्ताव एलिवेटेड फ्लाई ओवर का है.यह फ्लाई ओवर सड़क से 10 -12 फ़ीट ऊंचा होगा. इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी कि नहीं, यह अभी भविष्य के गर्व में है. लेकिन सिक्स लेन का काम गोविंदपुर और निरसा में 12 किलोमीटर अधूरा पड़ा है. बरवड्डा किसान चौक सड़क की हालत बहुत ही खराब है. इधर, गोविंदपुर बाजार से अगर आप अपनी वाहन को सुरक्षित गुजार लेते हैं तो यह आपके लिए सुखद क्षण हो सकता है. जाम की समस्या से लोग त्राहि-त्राहि कर रहे है. इतना ही नहीं ,सड़कों के किनारे बड़े बड़े वाहन खड़े रहते है.
सड़क पर होता है वाहनों का कब्ज़ा
एक तरह से सड़क पर वाहनों का कब्जा होता है. आपको बता दें कि सिक्स लेन सड़क का निर्माण दो हजार सत्रह -अट्ठारह में शुरू हुआ था. अधिक दूरी तक की सड़कें बन गई थी लेकिन 12 किलोमीटर की सड़क निर्माण में लगी कंपनी इतनी परेशान हुई कि वह काम छोड़कर ही चली गई. अब नई कंपनी को काम आवंटित हुआ है. सुगबुगाहट तेज हुई है. अधिकारी भी सक्रिय हैं, प्रशासनिक अधिकारी भी काम में आ रही अड़चनों को दूर करने का प्रयास कर रहे है. देखना होगा कि काम कब शुरू होता है और लोगों को सिक्स लेन सड़क की सुविधा पूरी तरह से कब तक मिलती है.
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