ईडी की सवालों की बौझार और मुख्यमंत्री का जवाब, क्या जवाबों से असंतुष्ट है जांच एजेंसी, पढ़िए आगे क्या होगा 

    ईडी की सवालों की बौझार और मुख्यमंत्री का जवाब, क्या जवाबों से असंतुष्ट है जांच एजेंसी, पढ़िए आगे क्या होगा 

    टीएनपी डेस्क (Tnp desk):- शनिवार के दिन राजधानी रांची ही नहीं, बल्कि पूरा झारखंड प्रदेश की निगाहे सिर्फ और सिर्फ कांके स्थित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आवास पर टिकी थी. जहां दिन भर गहमागहमी के साथ ही सर्द रात तक एक अजब सी तपिश महसूस हुई . कई सवाल फिंजा में अभी भी उलझे धागे के मानिंद फैले हुए हैं. आखिर आगे क्या होगा , क्या ईडी की जांच की अभी ये अंत था या फिर शुरुआत है. या फिर अभी पूरी पिक्चर ही बाकी हैं. 

    ईडी ने किया सवाल पर सवाल 

    ईडी ने 7 घंटे तक जमीन घोटाले को लेकर जोर-शोर से पूछताछ की और उन चिजों को जानने के लिए सवाल पर सवाल दागे , जो जमीन घोटाले में मिले दस्तावेजों से उनकी भूमिका को इशारे कर रही थी. 
    बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने तकरीबन 50 सवाल दागे , जिसमे हेमंत सोरेन ने कुछ सवालों का जवाब बेबाकी से तो किसी मे उन्होंने जानकारी नहीं होने का हवाल दिया. पूछताछ के दौरान ईडी ने उनके और उनके परिवार के आय के संबंध में जानकारी मांगी . बरियातू डीएसवी स्कूल के पास 8.46 एकड़ जमीन के विषय में सवाल पूछा . सबसे अहम प्रश्न ये रहा कि उनका बड़गाई अंचल के पूर्व राजस्व कर्मचारी भानू और अंचलाधिकारी मनोज कुमार से क्या सबंध रहा है. साथ ही काउंटर सवाल में भानू के द्वारा ईडी के दिए जवाब पर भी प्रश्न पूछे गये .  

    जमीन घोटाले को लेकर पूछताछ 

    ध्यान रहे कि जमीन घोटाले को लेकर ही ईडी ने छापेमारी की थी , जिसमे कई दस्तावेज मिले थे और कई गिरफ्तारियां भी हुई थी. जिसमे रांची के पूर्व डीसी छविरंजन, पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश , कारोबारी अमित अग्रवाल समेत कई नामचीन लोग सलाखों में बंद हैं 
    ईडी हेमंत सोरेन से काफी मश्शकत के बाद यानि  तकरीबन सात समन भेजने के बाद उनसे जमीन घोटाले के संबंध में सवाल-जवाब किया. लेकिन, वो इन उत्तरों से उतनी संतुष्ट नजर नहीं आ रही है.  इसके लिए  ईडी अधिकारियों ने रविवार को उनसे वक्त मांगा , लेकिन, उन्होंने इंकार कर दिया. इस मामले में ईडी लगता है कि एकबार और सीएम सोरेन से बयान दर्ज करवा सकती है. 

    विरोधियों पर गरजे हेमंत !

    सात घंटे ईडी के सवालों का जवाब देने के बाद बाहर जब हेमंत निकले, तो उनके समर्थकों का हुजूम नजर आया. मुख्यमंत्री गरजते हुए और केन्द्र की तरफ इशारा करते हुए बोला कि षडयंत्रकारियों की साजिश कामयाब नहीं होगी. हम उनकी साजिशों को टुकड़े-टुकड़े कर राज्य का विकास कर रहे हैं. अब उनके ताबूत में आखिरी किल ठोकने का समय आ गया है. 
    सवालों की तपिश से गरमाए सीएम हेमंत सोरेन भड़ास केन्द्र की भाजपा सरकार को निकाली . इसका मतलब यही था कि ईडी सियासत से प्रेरित होकर काम कर रही है, जिसस वे डरने और हटने वाले नहीं हैं. बल्कि मुंहतोड़ जवाब देंगे. 
    खैर अभी तो ईडी का जो हल्ला और डर था, मुख्यमंत्री अपने आवास में ही बुलाकर जांच एजेंसी के सवालों का जावब दे दिया और एक कशकमश और बवाल को भी थोडी देर के लिए शांत कर दिया . लेकिन, ये शांति कुछ दिन की रहेगी और इसके बाद फिर इस सन्नाटे के बाद तूफान आयेगा. इससे इंकार नहीं किया जा सकता. क्योंकि ई़डी आगे भी उनसे जमीन घोटाले को लेकर पूछताछ करेगी . ये कब करेगी ये समय तय करेगा 

    रिपोर्ट- शिवपूजन सिंह 


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