बाबूलाल के गले की हड्डी बनी डुमरी की हार! अल्पसंख्यक मतदाताओं को रिझाने लिए कार्यक्रमों की घोषणा की जतायी आशंका

    बाबूलाल के गले की हड्डी बनी डुमरी की हार! अल्पसंख्यक मतदाताओं को रिझाने लिए कार्यक्रमों की घोषणा की जतायी आशंका

    रांची(RANCHI)- भले ही डुमरी उपचुनाव में झामुमो 17 हजार से अधिक मतों के साथ आजसू-भाजपा की संयुक्त ताकत को शिकस्त दे चुकी हो, लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल इस सियासी हार को आज भी गले से नीचे उतारने को तैयार नहीं है. विधान सभा चुनावों में पांचवी हार के बावजूद बाबूलाल को आज भी यह दृढ़ विश्वास है कि राज्य की जनता हेमंत सरकार से उब चुकी है और इस कथित भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए भाजपा की ओर देख रही है. चुनाव दर चुनाव यह जीत तो सिर्फ तुष्टीकरण और प्रशासनिक लूट का नतीजा है.

    हमने चुनाव हारा है मैदान नहीं

    डुमरी की हार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बाबूलाल ने कहा कि हमने चुनाव हारा है, मैदान नहीं, आगे भी इसी जोश और दम-खम के साथ हेमंत सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क से सदन तक आवाज को बुंलद करते रहेंगे. यह जीत सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का नतीजा है, वोट के लिए मतदाताओं में दहशत फैलाय गया, उन्हे झामुमो में वोट डालने के लिए मजबूर किया गया. हमारे कार्यकर्ताओं का अपहरण कर मैदान से दूर किया गया. अब हम इस भ्रष्टाचार, अपराध, लूट और झूठ के खिलाफ सड़क पर संघर्ष करते नजर आयेंगे.

    बाबूलाल ने इस बात की आशंका भी व्यक्त की अपनी हार को देखते हुए हेमंत सरकार  अल्पसंख्यक मतदाताओं को रिझाने के लिए कई कार्यक्रमों की शुरुआत कर सकती है. हमें इसका पर्दाभाश कर लोगों की इसकी सच्चाई बतानी होगी.

    ध्यान रहे कि डुमरी उपचुनाव की शुरुआत के साथ ही बाबूलाल कार्यकर्ताओं का अपहरण की शिकायत कर रहे हैं, बावजूद इसके भाजपा के द्वारा आज तक इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं करवायी गयी, ताकि उनके आरोपों की जांच हो सके. विधान सभा उपचुनाव में हार दर हार के बाद भी वह हेमंत सरकार की लोकप्रियता पर सवाल खड़ा करने से पीछे नहीं हट रही.  


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