धनबाद के जोगता में ढुल्लू महतो VS महतो स्क्वायर, आप भी समझिये इस इक्वेशन को


धनबाद(DHANBAD) : धनबाद के जोगता में महतो VS महतो स्क्वायर, जोगता के मोदीडीह कोल् डंप पर तो यही इक्वेशन सामने आया है. एक तरफ विधायक ढुल्लू महतो हैं तो दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो और विधायक सह पूर्व मंत्री मथुरा महतो मैदान में अप्रत्यक्ष रूप से दिख रहे हैं. हालांकि, मथुरा महतो ने अपनी तरफ से स्पष्ट कर दिया है कि मोदीडीह के विवाद से उनका कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने ये बात जरूर स्वीकार की हैं कि विवाद खत्म कराने की पहल उन्होंने की थी, लेकिन जानकार इस पर भरोसा नहीं करते. उनका कहना है कि ढुल्लू महतो के खिलाफ जलेश्वर महतो और मथुरा महतो ने मोर्चाबंदी की है और मोदीडीह में ही ढुल्लू महतो को घेरने की योजना पर काम हो रहा है.
मोदीडीह मामले में 34 नामजद सहित 700 अज्ञात पर केस
मोदीडीह मामले में 34 नामजद सहित 700 अज्ञात लोगों पर केस के बाद विधायक ढुल्लू महतो काफी नाराज हैं. झारखंड सरकार के मुखिया सहित जिला प्रशासन को वह निशाने पर लिए हुए हैं. उनका कहना है कि प्रशासन झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस का लठैत बनकर काम करना बंद करे. अन्यथा, भाजपा के सांसद, विधायक और कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे और इसकी सारी जवाबदेही जिला प्रशासन और सरकार की होगी. इस सिलसिले में रविवार को उन्होंने धनबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. मोदीडीह में शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में दो गुटों में भारी बवाल हुआ था. दोनों ओर से महिलाएं मोर्चाबंदी की हुई थी और पत्थरबाजी हो रही थी. इसमें पुलिस के एक अधिकारी भी घायल हो गए थे. उसके बाद थाना प्रभारी के लिखित बयान पर 34 नामजद और 700 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. आप भी जान ले कि कोयलांचल में राजनीति के कई चेहरे होते हैं. हाथी के दांत की तरह दिखाने के अलग चेहरे और खाने के अलग चेहरे होते हैं. किसी भी मामले में जड़ तक बिना पहुंचे कुछ कहा नहीं जा सकता. विधायक ढुल्लू महतो और पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो में राजनीतिक दुश्मनी बहुत पहले से चली आ रही है.
ढुल्लू महतो ने ही जलेश्वर महतो से बाघमारा विधानसभा सीट छीनी है
ढुल्लू महतो ने ही जलेश्वर महतो से बाघमारा विधानसभा की सीट छीनी है. इसके अलावे कोलियरी क्षेत्रों में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए भी दोनों गुट टकराते रहते हैं. दोनों के पास मजदूरों की बड़ी फौज है और वह इनके इशारे पर मरने- मारने को तैयार रहती है. मोदीडीह में कोयला पीकिंग और ब्रेकिंग का विवाद चल रहा है. फिलहाल ₹260 प्रति टन का भुगतान होता है लेकिन ₹400 प्रति टन की मांग हो रही है. सोमवार को यानी आज प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में समझौता वार्ता प्रस्तावित है. क्या सोचकर विधायक ढुल्लू महतो ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी है, स्पष्ट रूप से तो इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन कोयलांचल में इसके तरह-तरह के मायने-मतलब निकाले जा रहे हैं.
रिपोर्ट: शांभवी सिंह, धनबाद
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