धनबाद के "म्यूजिकल चेयर" को पता ही नहीं चला और रांची की टीम जब पहुंची तो कैसे मच गया हड़कंप,पांच के हिरासत के बाद अब आगे क्या...पढ़िए विस्तार से

    धनबाद के "म्यूजिकल चेयर" को पता ही नहीं चला और रांची की टीम जब पहुंची तो कैसे मच गया हड़कंप,पांच के हिरासत के बाद अब आगे क्या...पढ़िए विस्तार से

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड का शराब घोटाला अब सीधे जेल पहुंचा रहा है. ऐसे में धनबाद में भी पकड़ी गई बड़ी गड़बड़ी किसको जेल तक ले जाएगी,यह एक बड़ा सवाल बन गया है. धनबाद के सहायक उत्पाद आयुक्त की कुर्सी को "म्यूजिकल चेयर" कहा जाता है .आखिर इस कुर्सी को "म्यूजिकल चेयर "क्यों कहा जाता है. इसके पीछे जरूर बड़ी कहानी होगी.

    धनबाद का अवैध शराब से पुराना नाता रहा है. यहां जब भी अधिकारियों की टीम सड़क पर उतरती है ,तो अवैध शराब का भंडाफोड़ होता है. गुरुवार की रात तो हद हो गई. रांची से टीम जब धनबाद पहुंची तो सरकारी शराब की दुकानों में नकली शराब बेचे जाने का खुलासा हुआ .आखिर रांची की टीम को छापेमारी करने धनबाद क्यों आना पड़ा. यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है. यह कोई साधारण घटना नहीं है कि सरकारी शराब की दुकानों में नकली शराब बेची जाए. 

    बात इतनी ही नहीं है, 450 बोतल जब्त की गई है और पांच सेल्समैन को हिरासत में लिया गया है .सूचना के मुताबिक Memko मोड और गोल बिल्डिंग के पास स्थित शराब दुकानों से यह बरामदगी हुई है. सूत्र बताते हैं कि छापेमारी में दोनों दुकानों से अलग-अलग बड़े ब्रांडों की छोटी बड़ी 450 बोतलों में नकली शराब मिली है. यह नकली शराब प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेची जा रही थी. उत्पाद विभाग की टीम ने Memko मोड़ शराब दुकान से सेल्समेन राजेश कुमार, आकाश सिंह ,अजय कुमार सिंह को हिरासत में लिया .जबकि गोल बिल्डिंग दुकान से सेल्समैन रंजीत कुमार और बृजेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. हो सकता है इनके खिलाफ एफआईआर कर आगे की कार्रवाई की जाए .

    आश्चर्य की बात है कि रांची उत्पाद विभाग की छापेमारी से धनबाद उत्पाद विभाग को अलग रखा गया था. छापेमारी के बाद उत्पाद विभाग को सूचना दी गई. धनबाद में लंबे समय से सरकारी दुकानों में नकली शराब बेचे जाने और एमआरपी से अधिक पैसे की वसूली की शिकायत की जा रही थी .धनबाद के अधिकारी जांच के लिए जाते तो जरूर थे, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजी होती थी. स्थल पर कोई एक्शन नहीं होता था. इसके बाद रांची उत्पाद अधीक्षक सुधीर कुमार के नेतृत्व में गुरुवार की शाम टीम धनबाद पहुंची. इसकी सूचना धनबाद डीसी को भी दी गई. डीसी के निर्देश पर आर एन ठाकुर को दंडाधिकारी नियुक्त किया गया. दंडाधिकारी की मौजूदगी में गुरुवार की शाम को दो सरकारी दुकानों में एक साथ छापेमारी की गई .उसके बाद यह उपलब्धि हासिल हुई .

    धनबाद में नकली शराब बनाने और बिक्री का एक मजबूत नेटवर्क

    सवाल उठता है कि इस बरामदगी के बाद भी धनबाद के अधिकारियों पर क्या कोई कार्रवाई होगी. या फिर सब कुछ सेल्समैन के माथे पर ठोक दिया जाएगा. धनबाद में नकली शराब बनाने और बिक्री का एक मजबूत नेटवर्क काम करता है. कई बार अवैध मिनी शराब फैक्ट्री का खुलासा हो चुका है. अभी हाल ही में पुलिस ने बलियापुर में कंटेनर में लदा एक करोड़ का नकली शराब जब्त किया था. सरकारी दुकानों में मिली नकली शराब से ऐसा लगता है कि जिले में बन रही और मंगाई जा रही नकली शराब की खपत सरकारी दुकानों से भी कराया जा रहा है. यह एक गंभीर खतरे का संकेत भी है .

    वैसे भी अभी झारखंड में शराब घोटाला चर्चे में है .एसीबी की जांच के बाद ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां की जा रही है .ऐसे में धनबाद के सरकारी दुकानों में नकली शराब मिलना पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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