बरवाअड्डा के अवैध कोयला डिपो पर छापेमारी के बाद झमुमो के निशाने पर धनबाद का खनन विभाग, जानिए इसकी हकीकत 

    बरवाअड्डा के अवैध कोयला डिपो पर छापेमारी के बाद झमुमो के निशाने पर धनबाद का खनन विभाग, जानिए इसकी हकीकत 

    धनबाद(DHANBAD) : धनबाद के बरवाअड्डा  में अवैध कोयला डिपो पर मंगलवार को खनन विभाग की  हुई बड़ी छापेमारी के बाद धनबाद का खनन विभाग झारखंड मुक्ति मोर्चा के निशाने पर आ गया है. इस डिपो से लगभग 1100 टन अवैध कोयला बरामद किया गया था. नौ ट्रकों को भी जब्त किया गया था. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खनन विभाग ने यह  छापेमारी कर कोयला  के अवैध धंधे में लगे एक ताकतवर सिंडिकेट का खुलासा किया है. छापेमारी और खनन विभाग की शिकायत पर दर्ज मुकदमे के बाद  झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला स्तरीय कद्दावर नेता पवन महतो ने बुधवार को कहा कि धनबाद का खनन विभाग झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोगों को टारगेट करना छोड़ दे, नहीं तो हमलोग सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि खनन निरीक्षक ने बिना जांच पड़ताल किए झामुमो कार्यकर्ता व दिवंगत नेता दुर्योधन चौधरी के पुत्र मुरारी चौधरी के खिलाफ कोयला चोरी का झूठा केस  थाना में दर्ज करा दिया है. यह जमीन मुरारी चौधरी ने सितम्बर महीने में ही अंजीम कुमार सिंह को लीज पर दे दी थी. उसके सभी क़ानूनी कागजात भी है. 

    स्वर्गीय दुर्योधन चौधरी की जमीन पर चल रहा था अवैध कोयला डिपो

    यह विवाद इसलिए उठा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के धनबाद जिले में कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय दुर्योधन चौधरी की जमीन पर चल रहा था अवैध कोयला डिपो, मंगलवार को खनन विभाग की टीम ने वहां छापामारी कर एक 1100 टन  कोयला बरामद किया.  इस मामले में  दुर्योधन चौधरी के पुत्र को भी नामजद किया गया है. छापेमारी में 4 लोड ट्रक और पांच खाली ट्रकों को जब्त  किया गया है.  बरवाअड्डा  थाना क्षेत्र के बड़ा पिछड़ी गांव में डंके की चोट पर अवैध कोयला डिपो चल रहा था. जहां मंगलवार को छापेमारी की गई.अब  मुरारी चौधरी के पक्ष में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता सामने आए है. सवाल  उठाया जा रहा है कि  छापेमारी के पहले क्या जमीन मालिक ने कोई शिकायत की थी कि उनकी जमीन को लीज पर लेकर अवैध कोयले का कारोबार किया जा रहा है. जिस समय टीम पहुंची, उस समय चार ट्रकों पर कोयला लोड था . जबकि अन्य पर लोड करने की तैयारी चल रही थी. यह  छापामारी खान निरीक्षक की अगुवाई में की गई. विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि बड़ा पिछड़ी में बड़े पैमाने पर अवैध कोयले का कारोबार चल रहा है.  इस सूचना की जांच की गई, जांच में सूचना सही मिली.  उसके बाद जाल बिछाकर छापेमारी की गई.

    टीम के पहुंचते ही भाग निकले लोग 

    जिस समय टीम पहुंची, उस समय अवैध कोयला कारोबारी और डिपो में काम करने वाले भाग निकले.  खान निरीक्षक की शिकायत पर जमीन मालिक मुरारी चौधरी के साथ डिपो संचालक प्रमोद कुमार सिंह और अजीम  कुमार सिंह के अलावा ट्रक मालिक व चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.  मंगलवार की छापेमारी ने यह साबित कर दिया है कि जिले में अभी भी कोयला चोरी का धंधा बदस्तूर जारी है. अधिकारियों के दावे बार-बार गलत साबित हो रहे है. सड़कों पर कोयले की बोरिया लदे वाहनों की संख्या में कमी नहीं हो रही है. धनबाद से अवैध कोयले को  बिहार, बंगाल और यूपी के विभिन्न मंडियों तक पहुंचाया जा रहा है. इस धंधे में कई 'व्हाइट कॉलर' शामिल है.  इतने बड़े पैमाने पर कोयला चोरी का काम होता हो  और पुलिस या अन्य विभाग को इसकी जानकारी नहीं हो, विश्वास करने योग्य बात नहीं है.

    रिपोर्ट : शांभवी सिंह, धनबाद


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