धनबाद : पहले 2021, फिर 2022 और अब 2023 में भी जली स्टीलगेट की दुकानें, कहीं सब की वजह चिलम की चिंगारी तो नहीं !


धनबाद (DHANBAD) : 29 मार्च 2021 को भी यहां आग लगी थी. 2022 में भी आग से दुकानें जल गई थी. फिर 2023 में भी 20 फरवरी की रात लगभग 11:30 बजे आग लग गई. और दर्जनों दुकानें जलकर राख हो गई. यह इलाका है सराय ढेला स्टील गेट का. यहां सब्जियों की मंडी लगती है. स्टॉकिस्ट भी है. सोमवार की रात 11:30 बजे के लगभग अचानक आग भड़क गई. इस आग लगी की घटना में दर्जनों दुकानें जलकर राख हो गई. कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ. आग की लपटें काफी तेज थी. पहले तो अगल-बगल के लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन असफल रहने पर दमकल विभाग को सूचना दी गई. एक नहीं, तीन गाड़ियां लगातार कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया.
स्टॉक किया गया माल जलकर हुआ राख
नुकसान इसलिए भी अधिक हुआ है कि कृषि बिल के विरोध में हड़ताल को देखते हुए कई दुकानदारों ने माल स्टॉक किया था. उनकी सारी जमा पूंजी जल गई है. सराय ढेला स्टील गेट के समीप जहां आग लगी है ,वहां इससे पहले भी दो बार आग लगने की घटना हो चुकी है. 2021 में होली के एक दिन पहले आग लगी थी. फिर 2022 में 26 नवंबर की रात आग लगी थी. उस वक्त भी आग प्रलयंकारी थी. यहां सवाल उठता है कि आखिर उसी जगह पर बार-बार आग क्यों लगती है. इस संबंध में कहा जाता है कि स्टील गेट सब्जी मार्केट में रात में अक्सर जुआडियो और नशेड़ी का अड्डा जमता है .अनुमान लगाया जाता है कि चिलम जलाने के दौरान आग लगी होगी और यह आग देखते-देखते भयंकर रूप ले लिया होगा.
लगातार हो रही आगलगी की घटनाएं
वैसे धनबाद में आग लगी की घटनाएं लगातार हो रही है. 19 जने लेने के बाद भी आग शांत नहीं हो रही है. कहीं आग लग रही है तो कहीं लगाई जा रही है. इसके पहले भी कुमारधूबी बाजार में आग लगी थी. जिसमें दर्जनों दुकान राख हो गई थी. यह बात भी सच है कि धनबाद की सड़कों के किनारे गुमटी यों में नशे के सामान आसानी से उपलब्ध है .कहने के लिए कार्रवाई होती है लेकिन जमीन पर इसका असर कुछ नहीं दिखता है .हर चौक चौराहे पर नशे के सामान बिक रहे हैं. नशे के शौकीन दुकान, बाजार बंद हो जाने के बाद वहां अड्डा जमा लेते हैं और फिर ऐसी घटनाएं हो जा रही है.
रिपोर्ट : सत्यभूषण सिंह, धनबाद
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