कोविड के समय हजारों मरीजों की जान बचाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों ने क्यों घेर लिया CS दफ्तर, जानिये


धनबाद(DHANBAD): कोविड काल के दौरान धनबाद में काम करने वाले लगभग चार सौ स्वास्थ्य कर्मी आज दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं. एक तो उन्हें तीन महीने पहले नौकरी से निकाल दिया गया है. ऊपर से पिछले पांच महीनों से उन्हें तनख्वाह नहीं दी गई है. ऐसे हालत में उन्होंने गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव किया. औऱ प्रशासन से पूछा कि आखिर कार उनका कसूर क्या है. बता दें कि इन स्वास्थ्य कर्मियों ने कोविड काल के दौरान अपने जीवन को दांव पर लगा कर उन मरिजों कि सेवा की हैं जिनके अपनों ने उन्हें छूने तक से मना कर दिया था. ऐसे समय में उन्होंने लोगों को वैक्सीन दी, कोरोना के सैंपल जांच किए, कोरोना से मरने वालों कि डेड बॉडी सील करने का भी काम किया.
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कई कर्मियों का भुगतान बकाया
सिविल सर्जन कार्यालय घेराव के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने सिविल सर्जन से मुलाकात की. लेकिन उन्हें आश्वासन के सिवा और कुछ भी नहीं मिला. अस्पताल प्रबंधन ने सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी ही नहीं, उस वक्त में जो गाड़ियां चली थी, उनका भी भुगतान बकाया रखा गया है. ऐसे में गाड़ी मालिकों का कहना है कि बैंक परेशान कर रहा है. पेट्रोल पंप का बकाया है. ड्राइवर का भुगतान करना है. करें भी तो क्या करें. स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन को घेरा और कहा कि ऐसी सरकार रहने से कोई फायदा नहीं है. इसे इस्तीफा देकर हट जाना चाहिए.
भुखमरी की कगार पर पहुंचे स्वास्थ्य कर्मी
स्वास्थ्य कर्मी रहे विनय कुमार महतो ने कहा कि पांच महीना से पैसा नहीं दिया गया है और तीन महीने से बैठा दिया गया है. इसे वे लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए है. वही लैब टेक्नीशियन विशाल कुमार महतो ने कहा कि फ्रंट लाइन मैनेजर से लेकर अधिकारियों से मुलाकात के बाद भी कोई रास्ता नहीं निकला है. इधर सुबोध कुमार रवानी ने बताया कि सरकार ने उन्हें आश्वासन मिला था कि सभी कर्मियों को वेतन के अलावा प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी. लेकिन प्रोत्साहन राशि की बात कौन कहे, यहां तो वेतन पर ही आफत है. वाहन के मालिक अशोक कुमार का कहना है कि अक्टूबर से ही उनका बकाया है. पैसे का भुगतान नहीं किया जा रहा है. महेश वर्मा ने कहा कि बैंक वाले परेशान करते है. ड्राइवर भुगतान मांगते है, लोग करें भी तो क्या करे. वैसे उन लोगों के पास वर्क आर्डर है, जरूरत पड़ेगी तो आगे कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट: शाम्भवी सिंह, धनबाद
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