अग्निकांड से लगातार मौतें: सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट का क्या हुआ फिर उठ रहा यह सवाल


धनबाद(DHANBAD): धनबाद के केंदुआ में आग लगी की घटना ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन विभाग और बाजारों में अतिक्रमण के सवाल को जीवित कर दिया है. हाजरा क्लीनिक और आशीर्वाद टावर में अग्निकांड के बाद जोर-जोर से सुरक्षा ऑडिट की बात उठी. हाई कोर्ट ने भी सभी नगर निकायों को शहर के अपार्टमेंट में फायर सेफ्टी ऑडिट का निर्देश दिया था. हाई कोर्ट के निर्देश के बाद धनबाद नगर निगम ने भी 140 फायर सेफ्टी ऑडिट कराई थी. लेकिन इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और नहीं किसी अपार्टमेंट अथवा बिल्डर पर कोई कार्रवाई हुई.
फायर सेफ्टी को लेकर फिर से उठ रहे सवाल
जांच में नगर निगम ने स्वीकार किया था कि लगभग 60% अपार्टमेंट बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं है. केंदुआ में अग्निकांड के बाद एक बार फिर ऊंची बिल्डिंग में फायर सेफ्टी को लेकर सवाल किए जाने लगे हैं. शहर के बिल्डरों पर नगर निगम की मेहरबानी किसी भी दिन बड़े हादसे की वजह बन सकती है. धनबाद शहर का हाल तो यह है कि किसी भी बड़े मॉल में चले जाइए ,पार्किंग के लिए सड़कों पर ही वाहन लगाने होंगे. मॉल के बेसमेंट में पार्किंग की जगह बड़ी-बड़ी दुकान खुल गई है. 2016 से धनबाद नगर निगम के पास नक्शा पास करने की जिम्मेदारी है. लेकिन कार्रवाई के नाम पर एक भी बिल्डर के खिलाफ निगम कुछ नहीं कर पाया. बेसमेंट की दुकान बेच दी गई है .जहां पार्किंग होना चाहिए वहां दुकान और गोदाम खुल गए हैं .
अग्निशमन विभाग के पास हाइड्रोलिक सीढ़ियां तक नहीं
धनबाद शहर के कई ऐसे बाजार हैं, जहां कोई दुर्घटना हुई तो दमकल की गाड़ियां पहुंच भी नहीं पाएंगी. केंदुआ में भी ऐसा ही हुआ. संकीर्ण रास्ते के कारण दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में काफी विलंब हुआ और एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई .धनबाद के अग्निशमन विभाग की भी हालत बहुत अच्छी नहीं है. जो वाहन है वह अपडेट नहीं है. अग्निशमन विभाग के पास हाइड्रोलिक सीढ़ियां तक नहीं है. पिछली बार जब आग लगी थी, तब हाइड्रोलिक सीढ़ी की खूब चर्चा हुई थी. लेकिन मामला शांत होते ही सारी बातें बस्ते में बांधकर रख दी गई. आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई. इधर अग्निकांड के बाद मंगलवार को केंदुआ अंदर बाजार में सन्नाटा पसरा रहा. सभी दुकानदारों ने अपनी अपनी दुकान में बंद रखी .केंदुआ की घटना दिल दहलाने वाली थी.
4+