30 घन्टे बाद मुआवजे पर बनी सहमति, परिजनों ने ओरिका प्लांट गेट से शव को उठाया, पढ़ें क्या था मामला

    30 घन्टे बाद मुआवजे पर बनी सहमति, परिजनों ने ओरिका प्लांट गेट से शव को उठाया, पढ़ें क्या था मामला

    बोकारो(BOKARO): बीते कल यानी 23 जुलाई को बोकारो जिला के गोमिया स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी ओरिका के आवासीय कॉलोनी में कार्यरत निजी सुरक्षा गार्ड नारायण यादव की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी. जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो गये. और कंपनी के मेन गेट पर शव रखकर मुआवजे की मांग करने लगे.

    संदेहास्पद स्थिति में सुरक्षा गार्ड नारायण यादव की मौत 

    घटना की सूचना मिलते ही आसपास के सैकड़ों लोग जमा हो गए. इसके साथ ही  गोमिया विधायक डॉ लंबोदर महतो, पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद मौके पर पहुंचे और मुआवजे को लेकर कम्पनी के अधिकारियों से बातचीत की. लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला. वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गोमिया सर्किल इंस्पेक्टर महेश प्रसाद सिंह, आईईएल थाना प्रभारी अभिषेक महतो के साथ पुलिस की टीम मौके पर तैनात थी, ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके.

    30 घन्टे बाद मुआवजे पर बनी सहमति

    वहीं आज सोमवार को 30 घंटे के बाद तक ओरिका कम्पनी, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधि और परिजनों के बीच चली वार्ता में सहमति बनने के बाद परिजनों ने गेट से शव को उठा लिया. घटना के संबंध में बताया गया कि स्व बलीराम यादव का बेटा नारायण गोप उर्फ मदन यादव रात्रि ड्यूटी में तैनात था. सुबह पांच बजे कॉलोनी के लोग जब टहलने के लिए निकले तब उसे अचेतावस्था में गिरा हुआ पाया.


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