Congress Politics: बड़ा सवाल-बेरमो विधायक अनूप सिंह धनबाद कांग्रेस को साधेंगे या कांग्रेसजन उनको साधेंगे ? 

    Congress Politics: बड़ा सवाल-बेरमो विधायक अनूप सिंह धनबाद कांग्रेस को साधेंगे या कांग्रेसजन उनको साधेंगे ? 

    धनबाद(DHANBAD) : झारखंड में कांग्रेस रेस है. वार फुटिंग पर निर्देशों का अनुपालन किया जा रहा है. कांग्रेस के नए प्रभारी के राजू के निर्देश के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी सक्रिय हो गई है. विधायकों और मंत्रियों के बीच सांगठनिक जवाबदेही तय कर दी गई है. मंत्री राधा कृष्ण किशोर को पलामू और कोल्हान  प्रमंडल की  जिम्मेवारी मिली है. मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी को उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, दीपिका पांडे सिंह को संथाल परगना और शिल्पी नेहा तिर्की को दक्षिणी छोटानागपुर की कमान दी गई है. बता दें कि पिछले दिनों विधायक दल की बैठक में तय हुआ था कि सांगठनिक कामकाज को बेहतर बनाने और पार्टी को निचले स्तर तक ले जाने के लिए मंत्रियों और विधायकों की जवाबदेही तय की जाएगी. विधायक अपने प्रभार वाले जिला में महीने की पहली तारीख और दूसरे जिले में 15 तारीख को बैठक करेंगे. जिला एवं प्रखंड कमेटी के जरिए से कार्यकर्ताओं से मांग पत्र लेंगे. उसे एकत्रित करेंगे, इसके बाद संबंधित अधिकारियो या मंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर शिकायतों के समाधान के लिए प्रयास करेंगे.  मंत्रियों को जिम्मेवारी तय करने के साथ-साथ  विधायकों की भी जवाबदे ही तय की गई है. 

    विधायकों को मिली है इन ज़िलों की जिम्मेवारी 

    विधायक अनूप सिंह को धनबाद और कोडरमा, विधायक सोनाराम सिंकू  को पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला, विधायक ममता देवी को रामगढ़ और हजारीबाग, विधायक निशात आलम को पाकुड़ और साहिबगंज,विधायक  सुरेश बैठा को गोड्डा  और चतरा, विधायक  श्वेता सिंह को बोकारो और गिरिडीह, विधायक प्रदीप यादव को देवघर और दुमका,विधायक राजेश कछप  को पूर्वी सिंहभूम और जामताड़ा, विधायक डॉक्टर रामेश्वर उरांव को लोहरदगा और पलामू, विधायक रामचंद्र सिंह को लातेहार और  गढ़वा, नमन विक्सल कोंगाड़ी  को खूंटी और रांची, विधायक भूषण बाड़ा को सिमडेगा और गुमला की जवाबदेही दी गई है.  इन जिलों में विधायक अब बैठक कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे और उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे. धनबाद में कांग्रेस को राह पर लाने की जिम्मेदारी बेरमो  के विधायक अनूप सिंह को दी गई है. अनूप सिंह की पत्नी 2024 लोकसभा में धनबाद संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस की प्रत्याशी थी. लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ढुल्लू महतो के हाथों उन्हें कड़ी शिकस्त मिली थी. विधायक अनूप सिंह की पत्नी धनबाद की राजनीति में अभी भी सक्रिय है.  

    धनबाद में विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस बुरी तरह हारी है 

    धनबाद में कांग्रेस विधानसभा चुनाव में भी बुरी तरह हारी है. धनबाद के 6 विधानसभा क्षेत्र में से एक में भी पर कांग्रेस की जीत नहीं हुई है. अलबत्ता 2019 में झरिया सीट कांग्रेस के पास थी, लेकिन 2024 में यह  सीट भाजपा के पास चली गई है.  धनबाद के टुंडी से झामुमो के विधायक हैं तो निरसा  से माले  के विधायक है. सिंदरी से भी माले  के विधायक है. धनबाद से भाजपा के विधायक हैं तो झरिया से भाजपा की  विधायक है.  बाघमारा से भी भाजपा के ही विधायक है. लिहाजा, अनूप सिंह पर धनबाद जिले में कांग्रेस में जान डालने की बड़ी जवाबदेही होगी. सब कुछ निर्भर इस बात पर करेगा कि  मंत्रियों और विधायकों को जिस तरह से सांगठनिक जिम्मेदारी दी गई है, उस पर वह कितना खरे  उतरेंगे. 

    कांग्रेस अपनी खोई  जमीन पाने  के लिए जद्दोजहद  कर रही
     
    झारखंड में कांग्रेस अपनी खोई  जमीन पाने के लिए जद्दोजहद  कर रही है. नए प्रभारी नए ढंग से काम करना शुरू किया है और मंत्री और विधायकों को जवाबदेह बनाने की कोशिश शुरू की गई है. देखना दिलचस्प होगा कि यह प्रयास कितना सफल हो पता है और कांग्रेस सांगठनिक रूप से कितना मजबूत हो पाती है. बहुत जल्द ही झारखंड में निकाय चुनाव होने की संभावना है. ऐसे में इस सांगठनिक मजबूती के प्रयास  का कितना असर होगा, यह निकाय चुनाव में ही दिख जाएगा. यह अलग बात है कि झारखंड में अभी तक दलगत आधार पर निकाय के चुनाव नहीं हुए है. इस बार भी होगा, इसमें संदेह है. फिर भी जो उम्मीदवार खड़े होते हैं, वह किसी न किसी दल से जुड़े होते ही है. संगठन प्रभारी के लिए यह भी चुनौती होगी कि हर जगह पार्टी समर्थित कोई एक ही उम्मीदवार खड़ा हो.  हालांकि यह चुनौती सिर्फ कांग्रेस के लिए ही नहीं होगी बल्कि अन्य दलों के लिए भी होगी.
     
    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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