शिकायत हुई रघुवर सरकार में और जांच शुरू हो रही हेमंत सरकार में, जानिए क्या है पूरा मामला


धनबाद(DHANBAD): मुख्यमंत्री जन शिकायत में मार्च 2017 में शिकायत की गई थी लेकिन जांच अब शुरू हुई है. यह मामला प्रसूता अंजू कुमारी की मौत का है. एनेस्थीसिया ओवरडोज देने के कारण मौत होने का आरोप लगा था. मामला 27 फरवरी 2017 का है. मामला धनबाद के SNMMCH का है.
धनबाद के मुनीडीह के गरबुडीह निवासी नारायण साव की पत्नी अंजू कुमारी की मौत हुई थी. डुमरा के सामाजिक कार्यकर्ता महेश राम ने 2 मार्च 17 को पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जन शिकायत में की थी. तब झारखंड में भाजपा की सरकार थी और रघुवर दास मुख्यमंत्री थे. 5 सालों तक मामला दबा रहा, अब हेमंत सरकार में जांच शुरू हुई है.
मुख्यालय से SNMMCH को पत्र भेज मांगा गया है डिटेल्स
मुख्यालय से SNMMCH को पत्र आया है, जिसमें मृतका के इलाज से जुड़े डिटेल्स की मांग की गई है. पत्र मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन रेस में आ गया है. इलाज का ब्यौरा खंगाला जा रहा है. शिकायत करने वाले की मानें तो उनकी शिकायत पर एक बार सुनवाई हुई थी. इसके बाद मामला दब गया. अस्पताल के गायनी विभाग में 15 फरवरी 2017 को अंजू कुमारी को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था. इस दिन उस की सिजेरियन डिलीवरी कराई गई थी. डिलीवरी के बाद होश नहीं आया. आरोप लगाया गया था कि एनेस्थीसिया के डॉक्टर ने खुद डोज़ नहीं देकर ओटी असिस्टेंट से यह काम करवाया. इस कारण ओवरडोज पड़ गया.
अस्पताल से कर दिया गया था रेफर
उसके बाद मरीज को होश नहीं आ रहा था. काफी विवाद के बाद मरीज को रिम्स रेफर कर दिया गया. परिजनों दुर्गापुर के मिशन अस्पताल ले गए, जहां 4 दिन इलाज चला. उसके बाद मरीज की मौत हो गई. महिला की मौत के बाद मुख्यमंत्री जन शिकायत में ऑनलाइन शिकायत की गई थी. सरकार ने अब 5 साल बाद जांच की सुगबुगाहट दिखाई है. अधीक्षक को पत्र आया है. पत्र के आलोक में अधीक्षक ने विभाग को पत्र लिखकर इलाज का ब्यौरा मांगा है. देखना है कब तक सरकार को पूरी रिपोर्ट जाती है और जांच आगे बढ़ती है या फिर पहले की तरह कहीं जाकर संचिका में बंद हो जाती है.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
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