Coal India: उपभोक्ताओं के सुझाव पर अब क्यों काम करेगा मैनेजमेंट, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    Coal India: उपभोक्ताओं के सुझाव पर अब क्यों काम करेगा मैनेजमेंट, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    धनबाद(DHANBAD):  देश की कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया अब अपने ग्राहकों से मिले सुझाव के अनुसार कोयले की आपूर्ति, गुणवत्ता पर ध्यान देगी.  ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि कोल इंडिया में प्राइवेट प्लेयर्स की एंट्री के बाद कोल इंडिया का भी एकाधिकार धीरे-धीरे कोयला पर  कम हो सकता है.   जानकारी के अनुसार  ग्राहकों से कोल इंडिया अब फीडबैक लेने की रणनीति पर काम कर रही है.  ग्राहकों के अनुभव के आधार पर कोयला आपूर्ति, गुणवत्ता सहित अन्य मुद्दों की समीक्षा होगी.  आवश्यकता अनुसार इसमें सुधार किए जाएंगे.  जानकारी के अनुसार इसके लिए पूर्वी क्षेत्र का कोयला कंज्यूमर मीट पहली  मार्च को कोल इंडिया मुख्यालय में प्रस्तावित है.  

    पावर सेक्टर और नॉन पावर सेक्टर के लिए अलग-अलग बैठक  होंगी

    यह भी सूचना है कि पावर सेक्टर और नॉन पावर सेक्टर के लिए अलग-अलग बैठक  होंगी.  धनबाद, जो सूचना पहुंची है, उसके अनुसार पहली  मार्च को पावर सेक्टर के उपभोक्ताओं के साथ 11 से एक बजे  तक तथा नॉन पावर सेक्टर के उपभोक्ताओं के साथ 2 बजे से 4 बजे तक मीटिंग होगी.  कोयला कंज्यूमरों के लिए यह एक अच्छा मौका है.  जब वह अपनी परेशानी को टॉप मैनेजमेंट को बता सकेंगे.  कोल इंडिया ने अपने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वह अधिक से अधिक संख्या में उक्त कार्यक्रम में जुड़े और अपना फीडबैक बातये.  वैसे कोल्  इंडिया का कोयला सबसे अधिक मात्रा में पावर सेक्टर को जाता है.  पिछले वित्तीय वर्ष में कोयला डिस्पैच हुआ था 753.50 मिलियन टन, जिसमें पावर सेक्टर को 619.114 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की गई थी.  

    कोयले की गुणवत्ता में सुधार के लिए यह नया तरीका अपना रहा प्रबंधन 

    बता दें कि कोल्  इंडिया कोयला डिस्पैच एवं कोयले की गुणवत्ता में सुधार के लिए यह नया तरीका अपना रही है. इससे प्रबंधन और उपभोक्ताओं दोनों को फ़ायदा हो सकता है. यह बात सच है कि कोल इंडिया का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है. देश ही नहीं, बल्कि विदेश की भी सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड अब 50 साल की हो गई है. पहली  नवंबर" 2024 को इस कंपनी के गठन के 50 साल पूरे हो गए है.  इस कंपनी को महारत्न कोयला कंपनी का भी दर्जा प्राप्त है.  1975 में, जहां कोल इंडिया का उत्पादन लगभग 90 मिलियन टन था. वहीं 2024 में इस कंपनी का उत्पादन 775 मिलियन टन  के करीब पहुंच गया है. कोल इंडिया से उत्पादित कोयले की आपूर्ति कोयला आधारित बिजली संयंत्र को 80% के लगभग होती है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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