मुख़्यमंत्री जी! ठेकेदार लेवी दें या सड़क का निर्माण करायें, बेलमी की घटना के बाद पढ़िए कैसे मिल रही धमकी 

    मुख़्यमंत्री जी! ठेकेदार लेवी दें या सड़क का निर्माण करायें, बेलमी की घटना के बाद पढ़िए कैसे मिल रही धमकी 

    धनबाद(DHANBAD): तोपचांची के बेलमी  में जेसीबी मशीन फूंकने  की घटना ने धनबाद जिले के ग्रामीण इलाकों में विकास की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है.  सड़क निर्माण की लगभग सारी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में या तो बंद हो गई है या सुस्त पड़ गई है.  तोपचांची और टुंडी, जो उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र माने जाते हैं, यहां कच्ची सड़कों  की पक्कीकरण का काम चल रहा है. यह सभी सड़कें प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बन रही है.  सड़क बनाने का उद्देश्य यह भी है कि सुदूर इलाकों में पुलिस पहुंच सके और वहां रहने वाले लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके. 

    विभाग पत्र लिख मांग रहा सुरक्षा 
     
    जानकारी के अनुसार जिला पुलिस ने गृह विभाग को इन सड़कों के पक्की करण का प्रस्ताव भेजा था. इसके बाद यह काम REO को  दिया गया. लेकिन नक्सलियों की धमकी की वजह से काम की गति रुक गई है.  कई सड़क निर्माण कार्य बंद भी हो गए है. संबेदको ने  हाल के दिनों में विभाग से शिकायत की है कि उन्हें फिर से धमकी दी जा रही है. विभाग के  सचिव को भी इस संबंध में पत्र लिखा गया है.  धनबाद के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक को भी पत्र लिखकर जानकारी दी गई है और सुरक्षा मांगी गई है.  हाल  में ही तोपचाची के बेलमी  में रोड निर्माण में लगी जेसीबी मशीन को माओवादियों ने फूंक डाली थी. 

    ग्रामीण इलाकों के सड़क निर्माण में लगने लगा है ब्रेक 
     
    ठेकेदार को लेवी  के लिए धमकाया जा रहा था.  जब ठेकेदार देने से इनकार किया तो जेसीबी मशीन फूंक दी गई.  इस घटना का असर अन्य निर्माणाधीन सड़कों पर भी पड़ा है. धनबाद के लोगों को याद ही होगा कि टुंडी सड़क कई वर्षों तक माओवादियों की धमकी के कारण नहीं बन पाई थी.  एक समय था जब माओवादी राजगंज, बरवाअड्डा  तक आकर पोस्टरिंग  करते थे.  लोगों को धमकाते थे.  बीच में यह पोस्टरिंग  पूरी तरह से बंद हो गया था.  लेकिन तोप चाची के बेलमी   की घटना के बाद इन इलाकों में   फिर माओवादियों ने सिर उठाना शुरू कर दिया है और ठेकेदारों को निशाना बनाया जा रहा है.  सुदूर ग्रामीण इलाकों में सड़क सुविधा बहाल करने के लिए सरकार के प्रयास को माओवादी झटका पर झटका दे  रहे है.  सालों पहले इस इलाके में माओवादियों की चलती थी लेकिन धीरे-धीरे यह  कमजोर पड़ती गई.

    गिरिडीह का पीरटांड़ तो गढ़ बन गया था

    गिरिडीह जिला का पीरटांड़ तो एक समय गढ़ बन गया था. हाल फिलहाल के दिनों तक सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था लेकिन अचानक बेलमी  घटना के बाद से सड़क निर्माण पर इसका असर दिख रहा है. वैसे कोल्हान इलाके में भी माओवादी  गतिविधियां बढ़ रही है. गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार ने देश में नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया है.  पिछले 9 सालों में कुछ इलाकों को छोड़ दे तो नक्सली गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लग गई है.  उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले नक्सलियों का बड़ा ठिकाना हुआ करता था लेकिन आज बस्तर क्षेत्र के कुछ इलाकों को छोड़कर बाकी हिस्सों में नक्सलियों के हौसले पस्त हो गए है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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