कैबिनेट के फैसले से बीआरपी - सीआरपी की बल्ले बल्ले,अशोक सिंह का प्रयास लाया रंग 

    कैबिनेट के फैसले से बीआरपी - सीआरपी की बल्ले बल्ले,अशोक सिंह का प्रयास लाया रंग 

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड कैबिनेट के फैसले से बीआरपी - सीआरपी की बल्ले बल्ले हो गई है.  इसके साथ ही कांग्रेस नेता और पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन  के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह का भी  जयकारा लग रहा है.   अशोक सिंह ने ही बीआरपी- सीआरपी संगठन को लेकर विधायक दीपिका सिंह पांडेय और विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के साथ तब के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से  मुलाकात कराई थी. अशोक सिंह के साथ यह संगठन  कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर से भी मुलाकात की थी.उन्होंने भी भरोसा दिया था.   बात इतनी नहीं हुई , जब बीआरपी- सीआरपी संगठन  ने धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर धरना दिया तो भी अशोक सिंह ने उनका  साथ दिया और लगातार सरकार के संपर्क में रहे.  जिसका फलाफल शुक्रवार को निकला.  मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की कैबिनेट की बैठक में शुक्रवार को कई फैसले लिए गए.  

    कैबिनेट को भेजे गए प्रस्ताव पर लगी मुहर 
     
    स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की तरफ से कैबिनेट को भेजे गए प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए मंत्रिमंडल ने बीआरपी और सीआरपी के मानदेय में बढोत्तरी कर दी है.  कैबिनेट की मुहर के बाद बीआरपी और सीआरपी के मानदेय में सम्मानजनक बढोत्तरी की संभावना है.  मालूम हो कि मानदेय में बढ़ोत्तरी की मांग संघ की तरफ से काफी पहले से की जा रही थी.  पिछले तीन वर्षों से संघ ने परिणाम के नाम पर शून्य बटा सन्नाटा हासिल किया.  इससे बिफरे धनबाद के बीआरपी-सीआरपी ने कांग्रेस नेता अशोक सिंह से मुलाकात कर उनसे अपना दुखड़ा सुनाया.  अशोक सिंह ने अपने निजी खर्च से बीआरपी सीआरपी के एक प्रतिनिधिमंडल को महगामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह और झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के साथ तब के  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलवाया.  मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी दिया, सीएम ने फौरन शिक्षा सचिव और एसपीडी से बात की और इस मामले में यथोचित कार्रवाई का निदेश दिया.  वहीं से इसकी संचिका बढ़ी , करीब 5 साल के बाद मानदेय में बढोत्तरी का फैसला लिया गया है.  प्रखंड साधन सेवी (बीआरपी) और संकुल साधन सेवी (सीआरपी) की मांगों को  सरकार ने पूरा कर दिया है.  

    मानदेय में 50 फीसदी तक  बढ़ने की है उम्मीद 
     
    फैसले के बाद बीआरपी और सीआरपी के मानदेय में 50 फीसदी तक की बढोत्तरी हो सकती है.  साथ ही हर साल तीन फीसदी मानदेय में इंक्रीमेंट भी होगा.   समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य में करीब तीन हजार बीआरपी-सीआरपी कार्यरत है.  इनके मानदेय में अंतिम बार 2019 में बढ़ोतरी की गई थी.  धनबाद के संघ ने अशोक सिंह को सम्मानित करने का निर्णय लिया है. अशोक कुमार सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री चम्पई  सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर, विधायक दीपिका पांडे सिंह, विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के प्रति आभार जताया है.  उन्होंने कहा है कि चुनाव के पूर्व इंडिया गठबंधन ने जो वादा किया था, उसे पूरा कर दिया.  इससे  यह भी साबित होता है कि  राहुल गांधी जो कहते हैं, उसे पूरा करते है.  झारखंड सरकार के इस निर्णय का बीआरपी -सीआरपी स्वागत कर रहे है. 
    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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