घूसखोरी कांड : कुछ इस नाटकीय ढंग से  कार का पीछा कर सीबीआई ने पूरा किया "ऑपरेशन अरेस्टिंग" 

    घूसखोरी कांड : कुछ इस नाटकीय ढंग से  कार का पीछा कर सीबीआई ने पूरा किया "ऑपरेशन अरेस्टिंग" 

    धनबाद(DHANBAD) : धनबाद- पटना के निलंबित प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार की गिरफ्तारी के बाद केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार के भी बड़े कारोबारी दहशत में है. उन्हें डर है कि कहीं वह भी कार्रवाई की जद में न आ जाये. संतोष कुमार ने किसी कारोबारी को किस ढंग से मदद पहुंचाई है, इसकी खोज भी शुरू हो गई है. इन व्यवसाईयों में केवल झारखंड के ही नहीं बल्कि सूचना के मुताबिक बिहार के भी कुछ कारोबारी है. सीबीआई ने संतोष कुमार के रिश्वतखोरी मामले की जांच तेज कर दी है. उनके कार्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज की मांग की गई है. जिससे  सीबीआई को और कुछ डिटेल पता चल सके. सीबीआई ने बड़े ही नाटकीय ढंग से संतोष कुमार की गिरफ्तारी की थी. साथ ही  रिश्वत में ली गई 10 लाख की रकम उनके पीएस  के टेबल से जब्त  किया था. 

    सीबीआई को पक्की सूचना थी कि रकम लेकर कोई पहुंचेगा 

    सूत्र बताते हैं कि सीबीआई को इस बात की सूचना थी कि राजीव कुमार उर्फ चीकू शाम को 10 लाख रुपए लेकर संतोष कुमार को देने जाएगा. इस सूचना पर सीबीआई की टीम आयकर कार्यालय के बाहर घात लगाए बैठी थी. इस बीच एक स्विफ्ट कार दफ्तर के पास पहुंची. उसमें से राजीव कुमार हाथ में एक कपड़े का बैग लेकर उतरा और अंदर गया. फिर वह दफ्तर से बाहर निकल गया. सीबीआई अधिकारियों ने राजीव कुमार की कार का पीछा किया और उसे पटना के गांधी मैदान गेट नंबर 10 के पास पकड़ लिया. इसके बाद सीबीआई अधिकारियों ने उससे पूछताछ की. वह स्वीकार किया कि वह डॉक्टर प्रणय पूर्वे  द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार 10 लाख  रुपए लेकर संतोष कुमार को देने गया था. संतोष कुमार के कमरे के बाहर खड़े आदेश पाल ने उन्हें सूचना दी थी कि डॉक्टर प्रणय पूर्वे  ने उसे मिलने के लिए भेजा है. 

    राजीव कुमार के बाद टीम पहुंची संतोष कुमार तक 
     
    सूचना के बाद संतोष कुमार ने उसे कमरे में बुलाया, इसके बाद उन्होंने 10 लाख रुपए के बारे में पूछा. रुपयों  के बारे में पूछने पर राजीव ने रुपयों से भरा कपड़े का बैग उनके टेबल पर रख दिया और कार्यालय  से बाहर निकल गया. सीबीआई ने राजीव कुमार से गुरपाल सिंह के बारे में भी पूछताछ की. राजीव कुमार ने गुरपाल सिंह के साथ जान पहचान की बात से इनकार किया. उसने डॉक्टर प्रणय पूर्वे को अपना रिश्तेदार बताया, और कहा  कि उनके  कहने पर 10 लाख रुपए देने आया था. इस जानकारी के आधार पर सीबीआई की टीम आयकर दफ्तर में संतोष कुमार के कमरे में प्रवेश की.  

    सीबीआई के सामने संतोष कुमार ने रिश्वत की बात स्वीकारी 

    उसके बाद अधिकारियों ने अपना परिचय दिया और 10 लाख  रुपए रिश्वत लेने की जानकारी दी. सीबीआई के सामने संतोष कुमार ने रिश्वत लेने की बात स्वीकार की. रुपयों के बारे में की गई पूछताछ के दौरान संतोष कुमार ने स्वीकार किया कि  रकम अपने पीएस  के पास रखवा दिया है. इसके बाद सीबीआई की टीम संतोष कुमार के पीएस के कमरे में पहुंची. टेबल पर कपड़े का बैग रखा हुआ था. सीबीआई ने बैग की जांच की तो उसमें 10 लख रुपए मिले. 500- 500 के नोट अखबार में लपेटकर बैग में रखा गया था. रुपये जब्ती  के बाद संतोष कुमार को सीबीआई ने गिरफ्तार किया. उसके बाद धनबाद के लोगों की गिरफ्तारी हुई. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

     


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