बोकारो का  शंकर रवानी मर्डर केस : क्यों गुस्से में है धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो,पढ़िए इस रिपोर्ट में 

    बोकारो का  शंकर रवानी मर्डर केस : क्यों गुस्से में है धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो,पढ़िए इस रिपोर्ट में 

    धनबाद(DHANBAD) | बोकारो में शंकर रवानी की हत्या के बाद धनबाद के नवनिर्वाचित सांसद ढुल्लू महतो और बोकारो जिला एवं पुलिस प्रशासन के बीच ठन गई है.  शुक्रवार को "दिशा" की बैठक में सांसद ढुल्लू  महतो ने इस मामले को उठाया .  बात बिगड़ी लेकिन संभल गई.  सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने मामले को संभाल लिया और  अलग से  बात करने की  बात कह कर विवाद को  टाल दिया.  हरला थाना क्षेत्र के महुआर  निवासी ठेकेदार शंकर रवानी को अपराधियों ने 15 गोलियां मारी थी.  सूत्रों के अनुसार  12 गोली शरीर के आर -पार हो गई थी.  पोस्टमार्टम में पता चला कि शंकर रवानी को 15 गोलियां मारी गई थी.  नजदीक से फायरिंग करने के चलते 12 जगह से गोली आर- पार हो गई थी.  तीन गोली शंकर के शरीर के अंदर फस गई थी.  पोस्टमार्टम के बाद हार्ट  पंचर ब्लड  व गोली को सुरक्षित कर इसे जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है, ताकि कुछ और तकनीकी जानकारी मिल सके.  बताया जाता है कि कुछ गोली जो दूर से मारी गई होगी, वह शरीर के अंदर फंसी रह गई होगी.  

    शरीर के अंदर से मिली गोली व ब्लड को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है

    फिलहाल शरीर के अंदर से मिली गोली व ब्लड को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है.  हरला थाना क्षेत्र के सेक्टर 9 स्थित कार  वॉशिंग सेंटर के समीप कार और  बाइक सवार अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर शंकर रवानी की हत्या कर दी थी. शंकर रवानी की हत्या को   सुलझाने के लिए एसआईटी गठित की गई है.  टीम में 20 से अधिक पुलिस अधिकारी शामिल किए गए है.  अपराधियों की तलाश में बोकारो पुलिस ने हजारीबाग, रांची, धनबाद के अलावा बिहार में भी छापेमारी कर रही है.  सूत्र यह भी बताते हैं कि शंकर रवानी की हत्या करने के लिए पश्चिम बंगाल के तारापीठ मंदिर  में जगह का चुनाव किया गया था.  शंकर रवानी वहां पूजा करने के लिए गया था.  शूटर भी वहां मौजूद थे. लेकिन  वहां मौका नहीं मिलने के बाद तारापीठ से बोकारो घुसने से पहले रास्ते में उसकी हत्या की योजना थी.  लेकिन मोहर्रम जुलूस की भीड़ के कारण रास्ते में मौका नहीं मिला.  उसके बाद सुबह हमलावरों को सूचना मिली कि शंकर रवानी ड्राइवर के साथ स्कॉर्पियो धुलवा रहा है. 

    कार - बाइक से  पहुंचे थे अपराधी और झोंक दी फायर 
     
    सूचना पर कार - बाइक से  शूटर हटिया मोड पहुंचे.  दुकान में चाय, सिगरेट व गुटखा खाने के बहाने शंकर के आने का इंतजार किया.  फिर गोलियों की बौछार कर दी.  खून से लथपथ  शंकर जमीन पर गिर पड़ा.  अब तक पुलिस की जांच में सबूत  मिले हैं कि एश पौंड  और स्लैग डंप में ठेकेदारी और ट्रांसपोर्टिंग को लेकर दो गुटों में रंजिश चल रही थी.  दोनों ग्रुप के बीच कई बार खून खराबा  और फायरिंग की घटना हो चुकी थी.  सूत्र यह भी  बताते हैं कि शंकर रवानी को टपकाने  की योजना 11 नवंबर 2023 से पहले बना ली गई थी.  शूटरों  ने हमला भी किया था, लेकिन उस समय किस्मत ने शंकर रवानी का साथ दिया और वह बच गया.  लेकिन उसके बाद हुई घटना में उसकी मौत हो गई.  सांसद ढुल्लू  महतो का आरोप है कि घटना के पहले उन्होंने बोकारो एसपी से बात की थी.  लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और अंततः शंकर रवानी की हत्या कर दी गई. सूत्र बताते हैं कि इस घटना से जुड़े कई तथ्य पुलिस को मिले है. पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ रही है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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