बोकारो:  आज भी जर्जर मकान में रहने को मजबूर हैं बुजुर्ग दंपति, आवास की मांग को लेकर पहुंचे बीडीओ कार्यालय, मिला ये आश्वासन 

    बोकारो:  आज भी जर्जर मकान में रहने को मजबूर हैं बुजुर्ग दंपति, आवास की मांग को लेकर पहुंचे बीडीओ कार्यालय, मिला ये आश्वासन 

    बोकारो(BOKARO): राज्य एवं केंद्र सरकार गरीब असहाय लोगों के लिए बहुत सारे लाभकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है, परन्तु जमीनी स्तर पर देखे तो कहीं कहीं आज भी गरीब असहाय लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सही से नहीं मिल पा रहा है. या यों कहें कि सरकारी सिस्टम में गरीब का हाल सही से फिट नहीं बैठ पा रहा है

    जर्जर मकान में रहने को मजबूर दंपति

    ऐसा ही एक मामला गोमिया प्रखंड के होसिर पश्चिमी पंचायत स्थित शब्दिटांड़ गांव से आया है. जहां एक दंपति आज भी जर्जर मकान में रहने को मजबूर हैं. कहने को तो इनके पास पक्का मकान है, लेकिन मकान की हालत ऐसी कि छत रहने के बावजूद बारिश में भीगने पर मजबूर हैं. मकान में छत की स्थिति काफी खराब है. सरिया के अलावा छत का प्लास्टर गिर चुका है. अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो, कभी भी अनहोनी घटना घट सकती है. अबुआ आवास को लेकर मकान की जांच करने जब संबंधित पदाधिकारी पहुंचते हैं तो बाहर से पक्के का मकान देखकर वे भी सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर पक्के मकान वाले को अबुआ आवास का लाभ उन्हें कैसे दें. मकान बाहर से तो दिखने में पक्के का जरूर लगता है, परन्तु मकान के अंदर की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है.

    प्रखंड विकास पदाधिकारी ने दिया आश्वासन 

    पीड़ित दंपति उगनी देवी एवं उसके पति योगेंद्र रविदास सोमवार को अपनी मजबूरी का हाल बयां करने गोमिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो के कार्यालय जा पहुंचे. प्रखंड विकास पदाधिकारी ने ध्यान पूर्वक दंपति की बाते सुनी और उन्हें हरसंभव सरकारी योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया. इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री महतो ने कहा कि जिला से अम्बेडकर आवास आबंटन की मांग की गई है. कहा कि अबुआ आवास की सूची में पीड़ित का नाम किसी कारण वश कट भी गया होगा तो, इन्हें अम्बेडकर आवास दिलाने का प्रयास किया जायेगा. 

    बोकारो, गोमिया से संजय कुमार की रिपोर्ट,


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