अब स्मृति शेष :कोयलांचल के बेताज बादशाह रहे सूर्यदेव सिंह के पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर थे बच्चा सिंह 

    अब स्मृति शेष :कोयलांचल के बेताज बादशाह रहे सूर्यदेव सिंह के पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर थे बच्चा सिंह 

    धनबाद(DHANBAD) : कोयलांचल  में कोयला मजदूरों की एक मजबूत आवाज सोमवार को सदा-सदा के लिए खामोश हो गई. बच्चा सिंह के निधन के बाद मजदूरों के लिए लड़ाई लड़ने वाले नेताओं की आवाज में कमजोरी आ जाएगी. बच्चा बाबू फिलहाल जनता मजदूर संघ (बच्चा गुट ) की अगुवाई कर रहे थे. वह झरिया से विधायक रह चुके है. एक समय में सिंह मेंशन का स्तंभ हुआ करते थे. पहली बार 1991 में विधानसभा का चुनाव लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा. 1995 में भी वह चुनाव हार गए लेकिन 2000 में पहली बार विधायक बने. उसके बाद बाबूलाल मरांडी की सरकार में मंत्री बनाए गए. बच्चा बाबू के भाई सूर्यदेव सिंह भी झरिया विधानसभा से विधायक रह चुके थे .  

    उन्होंने झरिया विधानसभा का लगातार चार बार प्रतिनिधित्व किया. सूर्यदेव सिंह 1977 में पहली बार विधायक बने. उसके बाद 1990 तक लगातार विधायक रहे. आरा लोकसभा से भी किस्मत आजमाएं लेकिन परिणाम आने के पहले उनका निधन हो गया था.  वह लोकसभा चुनाव हार गए थे. उसके बाद झरिया विधानसभा सीट से 1991 में बच्चा बाबू उपचुनाव चुनाव लड़ा लेकिन चुनाव हार गए. फिलहाल झरिया सीट से बच्चा बाबू के भाई की बहू पूर्णिमा नीरज सिंह विधायक है. कोयलांचल के कई उतार-चढ़ाव और कई घटनाओं के बच्चा बाबू गवाह रहे थे. विनोद सिंह हत्याकांड में फिलहाल उनके भाई रामधीर सिंह आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, लेकिन इसी केस में बच्चा बाबू को कोर्ट ने बेकसूर बताकर रिहा कर दिया था. बच्चा सिंह कोयलांचल के बेताज बादशाह कहे जाने वाले सूर्यदेव सिंह के छोटे भाई थे. विक्रमा सिंह, सूर्यदेव सिंह, बच्चा सिंह, राजन सिंह और रामधीर सिंह, इन पांचों भाइयों में बच्चा सिंह तीसरे स्थान पर थे.

    पूरे कोयलांचल में कभी सिंह मेंशन का दबदबा हुआ करता था, लेकिन धीरे-धीरे सिंह मेंशन का कुनबा बिखरता गया. सोमवार को धनबाद के एक अस्पताल में बच्चा सिंह ने अंतिम सांसें ली. पिछले कई महीनो से वह बीमार चल रहे थे. अभी हाल ही में बाथरूम में गिरने से उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी. इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था.  दिल्ली से वह धनबाद आ गए थे. इधर तबीयत बिगड़ने के बाद रविवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन सोमवार को 12:20 पर उनका निधन हो गया. उनके निधन की सूचना कोयलांचल में जंगल की आज की तरह  फ़ैली. अस्पताल से लेकर निवास तक लोगों का जुटान  शुरू हो गया. संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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