BJP: क्या झारखंड़ को यूं ही छोड़, भाजपा बिहार में एक व्यक्ति ,एक पद के सिद्धांत पर क्यों आगे बढ़ गई है,पढ़िए

    BJP: क्या झारखंड़ को यूं ही छोड़, भाजपा बिहार में एक व्यक्ति ,एक पद के सिद्धांत पर क्यों आगे बढ़ गई है,पढ़िए

    धनबाद(DHANBAD) |  वैसे झारखंड में एक व्यक्ति ,एक पद का सिद्धांत अभी पेंडिंग है.  इस बीच बिहार में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अटकलें  तेज हो गई है.  भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल मंत्री बन गए है.  ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि भाजपा जल्द ही किसी नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है.  बिहार में 2025 में भाजपा की बंपर जीत हुई है.  वैसे सूत्र यह भी बता रहे हैं कि झारखंड हो  अथवा बिहार, सब कुछ  राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर निर्भर करेगा  .  लेकिन कई ऐसे विधायक हैं, जिन्हें मंत्री पद नहीं मिला है.  ऐसे में चर्चाओं  का बाजार तेज होना बहुत स्वभाविक है.  पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा का नाम भी इसके लिए  चल रहा है.  

    मंगल पांडे अकेले ब्राह्मण समाज से मंत्री है 

    नीतीश कुमार  कैबिनेट के 26 मंत्रियों में मंगल पांडे ब्राह्मण से इकलौते मंत्री है.  नीतीश मिश्रा 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे.  पिछली सरकार में उद्योग मंत्री थे, लेकिन इस बार यह विभाग दिलीप जायसवाल  को मिल गया है.  नीतीश मिश्रा अपने पिता जगन्नाथ मिश्रा की सीट झंझारपुर से पांचवीं बार के विधायक है.  जनक राम का भी नाम चल रहा है.  इस बार के कैबिनेट में पांच दलित मंत्री हैं, जिसमें बीजेपी से केवल लखेंद्र रोशन का नाम है.   बाकी दो जेडीयू, एक लोजपा और एक हम के है.  कहा जा रहा है कि अगर इस बार बीजेपी दलित को प्रदेश अध्यक्ष बनाये  तो जनक राम को पद मिल सकता है.  

    संजीव चौरसिया का नाम भी क्यों है चर्चा में 

    संजीव चौरसिया का नाम भी सुर्खियों में  है.  संजीव चौरसिया का परिवार संघ से  जुड़ा रहा है.  नवादा से लोकसभा के सांसद विवेक ठाकुर का नाम भी चल रहा है.  विवेक ठाकुर के पिता सीपी ठाकुर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय  मंत्री रह चुके है.  वैसे, बिहार मंत्रिमंडल में फिलहाल नीतीश कुमार को लेकर 27 मंत्री है.  कल 36 मंत्री रह सकते है.  ऐसे में अभी पद खाली है.  किसको कहा  एडजस्ट किया जाएगा, इसको लेकर गुणा -भाग चल रहा है.  चुकि  भाजपा अब नहीं चाहेगी कि बिहार में जो पकड़ मजबूत हुई है ,वह कमजोर पड़े.  आगे बढ़ाने के लिए किसी संगठनकर्ता की  प्रदेश अध्यक्ष के पद पर  चुनाव कर सकती है. 

    वैसे भाजपा हमेशा अपने निर्णय को लेकर सबको चौंकाते रही है 

     वैसे भी, भाजपा हमेशा अपने निर्णय से सब को  चौंकाती  रही है.  ऐसे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की बागडोर किसे  मिलेगी, इसको लेकर जितनी मुंह -उतनी तरह की बातें कही जा रही है. बता दे कि बिहार में एनडीए सरकार के नए मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 27  मंत्रियों ने शपथ ली है.  दस नए चेहरों को मौका मिला है, जबकि 19 पुराने मंत्रियों को बाहर कर दिया गया है.  जदयू ने अपने सभी पुराने चेहरों को बरकरार रखा है, वहीं भाजपा में सात नए चेहरे शामिल किए गए है.  लोजपा-रा और रालोमो से भी नए मंत्रियों को शामिल किया गया है.  अभी भी मंत्रिमंडल में नौ और मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news