होशियार हो जाइये झारखंड -बिहार के लोग! मीठी आवाज़ सुनने के चक्कर में खाली हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट


धनबाद(DHANBAD): होशियार रहिए- झारखंड, बिहार के लोग. साइबर अपराधियों में अब एक्सक्लूसिव महिला गिरोह का प्रवेश हो गया है. यह गिरोह बहुत ही चतुराई से काम करता है. "गैंग्स ऑफ़ जामताड़ा "अब किसी इलाकों को नहीं छोड़ा है. सब जगह इसकी पहुंच हो गई है. जानकारी मिली है कि सोमवार की रात बिहार के दानापुर में पुलिस ने पांच स्थानों पर छापेमारी कर 13 युवतियों को एक युवक के साथ हिरासत में लिया है. इनके पास से दो दर्जन लैपटॉप और मोबाइल बरामद किए गए हैं.
युवतियों के गिरोह के लिए कार्य दिवस तक आवंटित है
दरअसल, गिरोह का सरगना कोई और है और वह इन लड़कियों को नौकरी पर रखा था. वेतन देता था, लड़कियों को ट्रेनिंग भी दी जाती थी. लड़कियां सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी करती थी. गुप्त सूचना पर साइबर थाने की पुलिस ने यह छापामारी की. अलग-अलग स्थान से लड़कियों को हिरासत में लिया गया. इन लड़कियों के लिए कार्य दिवस भी निर्धारित कर दिया गया था और वह उसी अनुसार काम करती थी. गिरोह का सरगना लड़कियों को नियमित वेतन देता था. लड़कियां रोज अलग-अलग लोगों को मोबाइल पर फोन कर उन्हें सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी देती थी तथा ओटीपी भेजकर साइबर ठगी करती थी.
रविवार से ही पुलिस लगी थी टोह में ,तब जाकर
दरअसल, रविवार को ही पुलिस को गिरोह के बारे में पता चला था. इसके बाद पुलिस सभी कार्यालय के आसपास नजर रख रही थी और पुख्ता जानकारी होने के बाद सोमवार की रात छापामारी की. फिर भी दो कार्यालय से साइबर ठग भाग निकले, जबकि तीन जगह से पुलिस को सफलता मिली। लड़कियों ने पुलिस को बताया है कि वह किसान सम्मन निधि योजना ,वृद्धा पेंशन योजना एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को लेकर प्रतिदिन अलग-अलग मोबाइल नंबर पर फोन करती थी. उनके झांसे में कोई आ जाता था, तो उन्हें ओटीपी भेज कर उसके बैंक खाते से रुपए निकाल लेती थी. इसके लिए संचालक उन्हें वेतन देता था आश्चर्यजनक बात यह है कि अधिकतर लड़कियां पटना शहर और उसके आसपास के इलाकों की रहने वाली हैं. झारखंड में भी यह काम खूब हो रहा है.
अब तो जामताड़ा बहुत पीछे छूट गया है
जामताड़ा तो अब पीछे छूट गया है. झारखंड का देवघर साइबर अपराध के लिए कुख्यात हो गया है. पुलिस कार्रवाई तो कर रही है, गिरफ्तारियां भी हो रही है, लेकिन साइबर अपराधी ढंग और तरीका बदलकर अपराध कर रहे हैं. महिलाओं को अब इस धंधे में पूरी तरह से झोंक दिया गया है. बिना किसी पूंजी -पगहा के आमदनी की वजह से साइबर अपराध की रफ्तार बढ़ रही है और बाकायदा साइबर अपराधी ऑफिस चला रहे हैं. कोई भी ऐसा शहर नहीं है, जिस दिन किसी न किसी से ठगी नहीं होती है. फिलहाल एक नया ट्रेंड चला है कि साइबर अपराधी किसी फोन नंबर पर फोन करते हैं और कहते हैं कि फलां साहब आपको 10 दिन से फोन कर रहे हैं. आप फोन क्यों नहीं उठाते हैं. तत्काल फ़ोन नंबर पर उनसे बात करिये। बहुत लोग इसके झांसे में भी आ जा रहे हैं. इस क्रम में पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तक के नाम लिए जा रहे हैं.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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