क्या साइबर ठग हैं स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे ?,  जानिए कहां हो रही इस तरह की बदनामी

    क्या साइबर ठग हैं स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे ?,  जानिए कहां हो रही इस तरह की बदनामी

    टीएनपी डेस्क (Tnp desk):-झारखंड के सबसे चर्चित जिलों में से एक जामताड़ा है. जहां इस शहर की बदनामी साइबर क्राइम को लेकर देश भर में हैं. जामताड़ा के जालसाज देश भर में अपनी चालबाजी औऱ धुर्तता से अच्छे-अच्छे ओहदे औऱ नामचीन लोगों के बैंक एकाउंट खाली कर दिया है. एक वक्त था कि साइबर ठगी की घटना जहां भी देश में होती थी, दूसरे राज्यों की पुलिस जामताड़ा में अपराधी की तलाश करने के लिए पहुंच जाती थी, आज भी ये सिलसिला लगभग जारी ही है. आज भी यह इलाका साइबर अपराध के लिए कुख्यात ही माना जाता है.

    स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे साइबर ठग ?

    जामताड़ा में अब तो सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी साइबर ठगी की दुनिया में लगता है कि दस्तक देने वाले हैं. उनकी हरकते और गतिविधियों की जानकारी मिली है. दरअसल, जामताड़ा के करमाटांढ के एक सरकारी प्लस टू स्कूल में 325 बच्चों पर साइबर ठगी का शक है, लिहाजा इन पर बारिकी नजर रखी जा रही है. इनके साइबर ठगी में शामिल होने की बात से टीचर्स में हड़कंप औऱ तमाम तरह चर्चाओं से माहौल गर्म कर रखा है. दरअसल, कुछ दिन पहले केरल पुलिस ने शिक्षा विभाग से संपर्क कर जानकारी दी थी, कि एक छात्र ने स्कूल की हाजिरी का आधार बनाकर जमानत लेने की कोशिश की थी. इस खबर के बाद शिक्षा विभाग में भी खलबली मच गई और एहतियातन स्कूल करमाटांढ़ के इस स्कूल में सख्ती बढ़ा दी. आलाम ये है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी खुद अब इस विधालय की निगाहेबानी कर रहें हैं. इसके साथ ही स्कूल में रोजाना की हाजिरी पर भी निगाहे रखी जा रही है.

    325 छात्रों पर हैं नजर

    डीएसई गोपाल कृष्ण झा के मुताबिक 1795 छात्रों का दाखिल है, जिसमे 325 छात्र की संदिग्ध हरकतों पर नजर रखी जा रही है. इनके बोलचाल के तरीके, स्कूल में मौजूदगी औऱ गैरहाजिरी, चाल –चलन, शौक समेत तमाम चिजों पर करीबी नजर रखी जा रही है. ताकि किसी भी तरह के संदिग्ध हरकतों से पहले ही इसका पर्दाफाश किया जा सके.

    स्कूल हाजिरी पर विशेष निगेहबानी

    साइबर ठगी की वारदाते स्कूल के दौरान न हो सके इसके लिए तीन बार हाजिरी बनाई जा रही है. तीन बार एटेंडेंस लिया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को उजागर किया जा सके . हाजिरी स्कूल के प्रार्थना के बाद, मध्यांतर में टिफिन के बाद औऱ स्कूल में छूट्टी से पहले ली जा रही है. इतनी सख्ती के पीछे कारण ये है कि स्कूल के समय किसी भी तरह की कोई गलत गैरकानूनी काम न हो, लिहाजा सख्ती के साथ-साथ हिदायते भी बच्चों को शिक्षक दे रहें हैं.


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