सबकी नजरें टिकी हैं कि नागपुर के बाद बोकारो में क्या कहते है संघ प्रमुख ,17  से  22  तक है बोकारो में प्रवास

    सबकी नजरें टिकी हैं कि नागपुर के बाद बोकारो में क्या कहते है संघ प्रमुख ,17  से  22  तक है बोकारो में प्रवास

    धनबाद(DHANBAD): आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 17  से लेकर 22 जून तक बोकारो में रहेंगे. बोकारो सेक्टर- 3 के सरस्वती विद्या मंदिर में चल रहे कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. झारखंड और बिहार के लगभग 600 श्रम सेवक  इसमें हिस्सा ले रहे है.  संघ शिक्षा वर्ग प्रथम और कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय का कार्यक्रम चल रहा है.  जिसमें 17 से 22 तक संघ प्रमुख हिस्सा लेंगे. सरस्वती विद्या मंदिर में ही रहने- खाने की व्यवस्था है.  बोकारो में वह क्या कहते हैं, इस पर सबकी नज़रें रहेंगी. अभी संघ प्रमुख के बयान चर्चे  में है. मोदी सरकार 3.0 के शपथ ग्रहण समारोह के ठीक एक  दिन बाद संघ प्रमुख ने मणिपुर, चुनाव राजनीति पर   पॉलिटिकल पार्टियों के रवैया पर बड़ी बात कही है.  उन्होंने सभी धर्म को लेकर भी बयान दिया है.  कहा है कि सभी धर्म का सम्मान होना चाहिए. लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद बाहर का अलग माहौल है.  नई सरकार भी बन गई है. 

    संघ प्रमुख के बयान से विपक्षी दलों को मिला है मौका 

     संघ नतीजे के विश्लेषण में नहीं उलझता, लोगों ने जनादेश दिया है और सब कुछ उसी अनुसार होगा. संघ प्रमुख ने मणिपुर के मसले पर शांति बहाल  नहीं होने पर चिंता व्यक्त की है.  मोहन भागवत के बयान के बाद विपक्षी दलों को मोदी सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया है.  संघ प्रमुख के इस बयान को पूरे देश में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान से जोड़कर भी देखा जा रहा है. नड्डा ने कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि अब भाजपा अपने पैरों पर खड़ी हो गई है.  2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा संघ से कोई मदद भी नहीं मांगी थी.  पिछले दो चुनाव में संघ बहुत सक्रिय था. 

    मणिपुर को लेकर संघ प्रमुख के बयान  में कई एंगल 
     
    मणिपुर को लेकर संघ प्रमुख के बयान को कई एंगल से देखा जा रहा है.  नागपुर में प्रशिक्षण की एक सभा में मोहन भागवत ने कहा था कि 10 साल पहले मणिपुर में शांति थी.  ऐसा लगने लगा था की बंदूक की संस्कृति खत्म हो गई है, लेकिन राज्य में अचानक हिंसा बढ़ गई है.  उन्होंने कहा कि मणिपुर की स्थिति पर प्राथमिकता के साथ विचार करना होगा.  चुनावी बयान बाजी से ऊपर उठकर राष्ट्र के सामने मौजूद समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है.  उन्होंने यह भी कहा कि यह बात भी सही है कि 10 साल में बहुत कुछ हुए हैं, लेकिन अभी भी चुनौतियां खत्म नहीं हुई है.  जो भी हो, बोकारो में भी संघ प्रमुख 6 दिन के दौरे पर रहेंगे. नागपुर के कथन से आगे क्या कहते है ,इसपर सबकी नजर रहेगी. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  


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