कांग्रेस के तीनों विधायकों के बाद अब ईडी ने की अरगोड़ा थाना प्रभारी से पूछताछ, पूछा- किस आधार पर केस को कोलकाता किया गया ट्रांसफर?

    कांग्रेस के तीनों विधायकों के बाद अब ईडी ने की अरगोड़ा थाना प्रभारी से पूछताछ, पूछा- किस आधार पर केस को कोलकाता किया गया ट्रांसफर?

    रांची(RANCHI): कैश कांड मामले में तीनों विधायकों से पूछताछ के बाद आज ईडी ने अरगोड़ा थाना प्रभारी विनोद कुमार से ED दफ्तर में पूछताछ हुई. बता दें कि अरगोड़ा थाना में ही तीनों विधायकों के खिलाफ बेरमो विधायक अनूप सिंह ने जीरो FIR दर्ज किया गया था. इसी बारे में ED ने जानकारी ली है. ईडी ने थाना प्रभारी से पूछा कि आपने किस आधार पर इस केस को कोलकाता ट्रांसफर किया? इसके साथ ही ईडी ने और भी कई सारे सवाल थाना प्रभारी से पूछे. पूछताछ के बाद थाना प्रभारी ईडी दफ्तर से चले गए.

    बता दें कि थाना प्रभारी से पूछताछ के पहले ईडी ने कैश कांड में आरोपी कांग्रेस के तीनों विधायकों इरफान अंसारी, राजेश कच्छप, नमन विक्सल कोंगाड़ी से बारी-बारी से पूछताछ की. इससे पहले बेरमो विधायक से भी ईडी ने पूछताछ की थी.   

    24 दिसबंर को इसी मामले में बेरमो विधायक से हुई थी पूछताछ

    दरअसल, विधायक खरीद-फरोख्त मामले में 24 दिसंबर को बेरमो विधायक अनूप जयमंगल सिंह से ईडी ने लगभग 10 घंटे पूछताछ की थी. बता दें कि इस पूछताछ के बाद अनूप सिंह ने मीडिया से बात की थी. इस दौरान उन्होंने कहा कि ईडी ने उनसे कैश कांड मामले में सवाल  किया, जिसका उन्होंने जवाब दिया. इसके बाद अनूप सिंह ने कहा था कि ईडी अब इस मामले के तीनों अन्य विधायकों को दफ्तर बुलायेगी. ईडी ने उनसे पूछा कि झारखंड में सरकार गिराने के लिए उन्हें और किसने 10 करोड़ रुपये का ऑफर दिया. उनसे पूछा गया था कि क्या यह पेशकश फोन पर की गई थी या शारीरिक रूप से और क्या उन्हें कोई टोकन राशि दी गई थी. उनसे कहा गया है कि अगर उनके पास कुछ भी साक्ष्य उपलब्ध हो तो वो साझा करें. ईडी ने बंगाल पुलिस के सामने उनके द्वारा दिए गए बयान को लेकर भी उनसे क्रॉस किया. एजेंसी ने पूछताछ की कि क्या पार्टी तोड़ने की उनके सामने रखा गया था ? क्या उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सूचित किया था या नहीं? और क्या कार्रवाई की गई थी ? इस संदर्भ में ईडी ने उनसे पूछा कि क्या पूर्व में भी पार्टी तोड़ने या सरकार गिरने के उद्देश्य से उनसे संपर्क किया गया था. रांची के कोतवाली थाने में जुलाई 2020 में प्राथमिकी दर्ज कराने पर भी उन्हें इसी तरह का एक मामला दर्ज कराया गया था उनसे पूछा गया कि क्या कोतवाली कांड और ताजा मामला आपस में जुड़ा हुआ है ? सूत्रों के मुताबिक उन्हें आगे भी ED तलब किया जा सकता है लेकिन उससे पहले कैश कांड के आरोपी विधायक इरफान अंसारी , राजेश कच्छप और विलसन कांगड़ी को सरकार गिराने और 48 लाख रुपये बरामदगी को लेकर उन्हें ED तलब कर सकती है.

    अनूप सिंह ने कराया था जीरो एफआईआर

    बता दें कि इस मामले में विधायक अनूप सिंह ने रांची के अरगोड़ा थाने में तीनों विधायक के खिलाफ जीरो एफआईआर कराया था. जिसमें कहा गया था कि तीनों विधायक ने सरकार को अस्थिर करने के लिए 10 करोड़ का ऑफर और मंत्री पर का लालच दिया गया था. बता दें कि अनूप सिंह इससे पहले भी साल 2020 में एक एफआईआर करा चुके हैं. उस दौरान भी उन्होंने कहा था कि सरकार गिराने के लिए उन्हें ऑफर दिया गया था.   

    क्या है कैश कांड मामला?

    बता दें कि बंगाल पुलिस ने कांग्रेस के तीन विधायकों इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सेल कोंगारी को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से 48 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई थी. हालांकि, उन्होंने उनसे संबंधित नकदी को स्वीकार कर लिया. लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उनका वैध पैसा था जिसे वे लोगों के बीच बांटने के लिए 'साड़ियां' खरीदने के लिए ले जा रहे थे. तीनों विधायकों को 30 जुलाई को हिरासत में लिया गया था. इन तीनों विधायकों की गिरफ़्तारी के एक दिन बाद बेरमो विधानसभा सीट से विधायक जयमंगल सिंह ने अरगोड़ा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करायी.

    रिपोर्ट: समीर हुसैन, रांची


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