गढ़वा(GARHWA): गढ़वा जिले में राष्ट्रीय परिवार नियोजन के तहत होने वाले बंध्याकरण पर अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं. यह सवाल स्वास्थ विभाग पर उठ रहे हैं. क्योंकि, इस योजना के तहत एक महिला का बंध्याकरण हुआ और उसके पांच घंटे के बाद ही महिला की मौत हो गई. जिसके बाद परिजन लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं.
दरअसल, गढ़वा जिले के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई. मृतक उत्तर प्रदेश के बिंडमगंज थाना क्षेत्र के पत्तहरिया गांव निवासी मुकेश कुमार गुप्ता की पत्नी दुर्गा देवी (32 वर्ष) है. बताया जा रहा है कि मृतक अपने ससुराल से बंध्याकरण ऑपरेशन के लिए अपने मायके भवनाथपुर थाना क्षेत्र के सरैया गांव बुधवार 5 फरवरी को आई थी. जिसके बाद वह बंध्याकरण ऑपरेशन के लिए वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवनाथपुर पहुंची.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 5 फरवरी की शाम को डॉ. वीरेंद्र कुमार भवनाथपुर प्रभारी व दिनेश कुमार सिंह सहित एक अन्य चिकित्सक द्वारा महिला का बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया. जिसके बाद आज 6 फरवरी की सुबह 4 बजे उक्त महिला की तबियत बिगड़ने लगी. जिसके बाद वहां उपस्थित चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए महिला को गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया. सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया.
इस घटना में मृतका के पिता ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनों ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने बड़ी चूक की. जिसके कारण उनकी बेटी दुर्गा की मौत हुई है. वहीं, घटना की सुचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है.
बात दें कि, गढ़वा जिले में बंध्याकरण ऑपरेशन में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है. पूर्व में भी बंध्याकरण में हुई लापरवाही को लेकर कई मरीज के परिजन व मरीज द्वारा सिविल सर्जन और जिला कार्यक्रम प्रबंधक को आवेदन दिया गया है. एक मामला ऐसा था कि भवनाथपुर में ही बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया था, लेकिन उसके बाद भी महिला प्रेग्नेंट हो गई थी. जिसके बाद उक्त मामले के खिलाफ परिजनों ने सिविल सर्जन से शिकायत की थी.
रिपोर्ट: धर्मेन्द्र कुमार
Thenewspost - Jharkhand
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