धनबाद भाजपा में एक नई "भाजपा", प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के सामने कैसे खुली फाइल!


धनबाद(DHANBAD): धनबाद भाजपा में एक "नई भाजपा" बन गई है. यह नई भाजपा तो साल भर पहले से है, लेकिन महानगर अध्यक्ष के चुनाव के बाद नए सिरे से नई भाजपा बोलने लगी है. यह नई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के सामने भी मुखर है. नई भाजपा कतिपय नेताओं की कुंडली भी तैयार कर रही है. देखना दिलचस्प होगा कि झारखंड में निकाय चुनाव का बिगुल बजने के बाद भी नई भाजपा की सक्रियता बनी रहती है अथवा इस पर विराम लगता है. दरअसल, नए प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद आदित्य साहू रविवार को धनबाद में थे. धनबाद में वह कुछ घंटे के लिए ही आए थे, उनका अभिनंदन समारोह हुआ. लगभग सभी लोग अभिनंदन समारोह में नई और पुरानी भाजपा के लोग भी मौजूद थे. सबके मन में कुछ ना कुछ सवाल थे. लेकिन सब कोई तो कुछ नहीं बोल पाया, लेकिन धनबाद महानगर अध्यक्ष के चुनाव से नाराज चल रहे सांसद ढुल्लू महतो के तेवर तल्ख था.
उन्होंने बिना किसी लाग -लपेट के मंच से ही कह दिया कि भाजपा में गुटबाजी है. ऐसा कदापि नहीं होना चाहिए। गुटबाजी से संगठन कमजोर होगा। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को एक सुझाव भी दे दिया और कहा कि निगरानी कमेटी बनाकर धनबाद में मतभेद और मनभेद को दूर किया जाना चाहिए। भाजपा अगर एकजुट होकर काम करेगी, तो धनबाद के सभी 6 विधानसभा सीट हम जीत सकते हैं. झारखंड में पूर्ण बहुमत की सरकार भी बना सकते हैं. उन्होंने एक और अपील प्रदेश अध्यक्ष से कर दी कि वैसे लोगों को धनबाद मत भेजिए, जिनको कोई जानता नहीं है. उनका इशारा प्रदेश के एक पदाधिकारी की ओर था. उस पदाधिकारी से सांसद ढुल्लू महतो के रिश्ते ठीक नहीं है. आरोप तो यह भी है कि इस पदाधिकारी की वजह से सांसद समर्थकों की सक्रिय सदस्यता होल्ड पर रखी गई और उनके सांसद प्रतिनिधि महानगर जिला अध्यक्ष नहीं बन सके.
सांसद ने कहा कि पार्टी में रहकर पार्टी के साथ गद्दारी नहीं करनी चाहिए। उसके बाद तो एक नई बहस छिड़ गई है. हालांकि झरिया विधायक रागिनी सिंह भी नाराज दिखी , लेकिन उनकी वाणी में तल्खी नहीं थी. वह इशारों -इशारों में अपनी नाराजगी की वजह भी बता दिया। दरअसल, महानगर भाजपा जिला अध्यक्ष के चुनाव के पहले कई नेताओं की सक्रिय सदस्यता होल्ड पर रख दी गई. इस वजह से वह लोग चुनाव से बाहर हो गए. फिर श्रवण राय को महानगर भाजपा जिला अध्यक्ष बना दिया गया. इसके बाद से ही विवाद की जमीन तैयार हुई. हालांकि श्रवण राय के पहले महानगर जिला अध्यक्ष के समय भी धरना- प्रदर्शन और मीटिंग हुई थी. फिर भी श्रवण राय रिपीट कर दिए गए. श्रवण राय को विधायक राज सिन्हा का समर्थक बताया जाता है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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