क्रिकेट टूर्नामेंटों में उम्र पात्रता के लिए दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इंकार


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को डेमेस्टिक क्रिकेट टूर्नामेंटों में उम्र पात्रता के लिए निर्धारित तिथि तय करने के लिए बीसीसीआई को निर्देश देने की मांग पर दी गई याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है.
ऐसे मामले हैं जिन पर बीसीसीआई को गौर करना चाहिए
जस्टिस एसए नजीर और पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि ये ऐसे मामले हैं जिन पर बीसीसीआई को गौर करना चाहिए. हम इस याचिका पर कैसे विचार कर सकते हैं? यह सब चीजें हमारे हाथ में नहीं है. हम क्रिकेट के बारे में भी ज्यादा नहीं जानते हैं. कृपया याचिका वापस ले लें, हम इस सब में नहीं जा सकते. शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को वापस लेने और अपनी शिकायत के लिए सक्षम प्राधिकारी से संपर्क करने को कहा. शीर्ष अदालत 19 साल से कम उम्र के खिलाड़ी ऋत्विक आदित्य शर्मा द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें बीसीसीआई को घरेलू टूर्नामेंट में पात्रता के लिए कट-ऑफ तारीख तय करने का निर्देश देने की मांग की गई थी.
याचिका में निर्देश देने की मांग
याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने बीसीसीआई को छह महीने में स्टैंड लेने का निर्देश दिया था और यह आदेश राहत मांगने के रास्ते में आ जाएगा. मामले को वापस लेने के रूप में खारिज कर दिया गया था. याचिका में निर्देश देने की मांग की गई है कि बीसीसीआई को हर साल 1 सितंबर के बजाय 1 अप्रैल के लिए पात्रता कट-ऑफ तिथि निर्धारित करने का निर्देश दिया जाए. याचिका के अनुसार, मार्च / अप्रैल में प्रकाशित होने वाले विज्ञापन में कहा गया है कि 1 अप्रैल से 31 अगस्त के बीच जन्म लेने वाले खिलाड़ी आयु वर्ग के टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य हैं, और केवल 1 सितंबर से 31 मार्च के बीच जन्म लेने वाले खिलाड़ी ही पात्र हैं. वहीं याचिकाकर्ता के अनुसार, इस व्यक्तिपरक कट ऑफ तिथि के कारण उनकी पात्रता अवधि 12 महीने के बजाय सात महीने कर दी गई.
रिपोर्ट: अशु शुक्ला, रांची डेस्क
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