एससी से एसटी में कन्वर्ट सभी जातियों के पंचायत प्रत्याशियों का नामांकन रद्द, भोक्ता जाति करेगा चुनाव बहिष्कार


चतरा(CHATRA): अनुसूचित जाति(SC) सीट से नामांकन करने वाले भोक्ता प्रत्याशी अब चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. उपायुक्त द्वारा जारी चिट्ठी के पश्चात सुबह से ही सोशल मीडिया में मैसेज के माध्यम से भ्रम की स्थिति फैली थी. इसके बाद डीसी अंजली यादव ने सुबह से फैली भ्रम का पटाक्षेप कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जाति का निर्धारण भारत सरकार के गजट के अनुसार होता है और इसमें राज्य सरकार हस्तक्षेप नहीं करता है. उन्होंने बताया कि भारत सरकार के गजट के अनुसार 8 अप्रैल को ही भोक्ता सहित कई जाति को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया था और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की झारखंड में 9 अप्रैल को घोषणा हुई थी. उन्होंने बताया कि भारत सरकार के गजट के अनुसार जाति केंद्र सूची का मामला है इसीलिए चतरा जिला के ऐसे प्रत्याशी जो एससी से एसटी में कन्वर्ट कर दिए गए थे, उनका नामांकन रद्द किया गया है.
डीसी ने बताया नामांकन रद्द होने के पीछे का कारण
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के द्वारा 8 अप्रैल को गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जिसमें कुछ जाति को SC से ST में शामिल किया गया है. इस नोटिफिकेशन में जिले के कुछ कास्ट भोक्ता, गंझु जैसे जाति के लोगों को शामिल किया गया है. 8 अप्रैल के नोटिफिकेशन में अनुसूचित जाति के लोगों को अनुसूचित जन जाति में शामिल किया गया है. इसके बाद 9 अप्रैल को राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई. उन्होंने यह भी बताया कि 8 अप्रैल को ही एससी-एसटी में कौन-कौन शामिल किए गए है, यह निर्धारण कर दिया गया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अब भोक्ता, गंझु एसटी में आ चुके हैं. 24 अप्रैल की चिट्ठी में साफ यह लिखा है कि अगर कोई एससी भोक्ता, गंझु प्रत्याशी एसटी सीट से अपना नामांकन दाखिल करता है तो उनके पास एसटी का जाति प्रमाण पत्र नहीं होगा. क्योंकि कार्मिक के द्वारा प्रक्रियाधीन है वैसे में किसी भी प्रत्याशी का नामांकन रद्द ना हो, इसके लिए सभी आरओ को बोला गया कि नए नोटिफिकेशन के साथ पहले का एससी कास्ट सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया जाता है तो उन्हें एसटी मानते हुए उनका नामांकन स्वीकार कर लिया जाए.
उसी मामले में राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि प्रक्रियाधीन का लेटर सभी चौबीसों जिलों के लिए कार्मिक विभाग स्वयं निकालेगा. केन्द्र सरकार के द्वारा गजट नोटिफिकेशन हो गया है और चतरा जिले में समय के रहते लागू भी कर दी गई है. सिर्फ जाति प्रमाण पत्र में यह बोला गया था कि एससी कास्ट को एसटी में स्वीकार कर लें. क्योंकि जाति प्रमाण पत्र उस समय नया नहीं बना था. इसलिए कोई भी प्रत्याशी एसटी सीट से वंचित नहीं रह सके इसलिए पत्रांक 226 निकाला गया था, जिसे 5 मई को विलोपित किया गया है. अब इस पत्र को कार्मिक विभाग खुद निकालेगा, ऐसा राज्य निर्वाचन आयोग ने सूचित किया है.
भोक्ता समाज चुनाव का करेगा बहिष्कार
वहीं निवर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष ममता देवी ने चतरा उपायुक्त पर आरोप लगाते हुए कहा कि उपायुक्त और उनके विभाग के अधिकारियों के बयान में ही काफी मतभेद हैं. उपायुक्त अपनी मनमानी कर रही है जिसका खामियाजा भोक्ता समाज को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से वंचित रखा गया है. कुन्दा, लावालौंग प्रखण्ड क्षेत्र भोक्ता बहुल क्षेत्र होने के बावजूद हम सभी को चुनाव में भाग लेने से वंचित कर दिया गया है जिसका भोक्ता समाज घोर विरोध करते हुए वोट बहिष्कार का फैसला किया है.
रिपोर्ट: संतोष कुमार, चतरा
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