THE NEWS PSOT IMPACT : एसपी ने की कार्रवाई, एसआईआरबी के एसआई सस्पेंड

    THE NEWS PSOT IMPACT :  एसपी ने की कार्रवाई, एसआईआरबी के एसआई सस्पेंड

    दुमका(DUMKA): एक बार फिर द न्यूज़ पोस्ट के खबर का बड़ा असर हुआ है. कल हमने एसआईआरबी दुमका में कार्यरत महिला आरक्षी सरोज बिरहोर की दर्द भरी दास्तान दिखाई थी कि कैसे सिस्टम की मार सरोज पर ऐसी पड़ी कि गर्भ में पल रहे 7 माह के शिशु की मौत हो गई. खबर पर दुमका एसपी अंबर लकड़ा ने संज्ञान लेते हुए एसआईआरबी रांची कार्यालय के इंचार्ज एसआई दामोदर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. एसपी अंबर लकड़ा ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान जब भी छुट्टी चाहिए विभाग द्वारा दिया जाता है लेकिन इंचार्ज द्वारा इसे छुट्टी देने के बदले जगह-जगह कमान काट कर भेजना कहीं से भी उचित प्रतीत नहीं होता है. इस आधार पर रांची कार्यालय के इंचार्ज दामोदर को निलंबित कर दिया गया है.

    क्या है मामला?

    दरअसल, विलुप्तप्राय आदिम जनजातियों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से पूर्ववर्ती सरकार ने एसआईआरबी यानी स्पेशल इंडियन रिजर्व बटालियन का गठन किया. बोलचाल में इसे पहाड़िया बटालियन भी कहते हैं. इसका मुख्यालय दुमका में है. बिरहोर समाज की महिला सरोज बिरहोर ने वर्ष 2017 में एसआईआरबी जॉइन किया था. वर्ष 2019 में उसकी शादी हुई. शादी के बाद उसका पहला शिशु 2 महीने में ही खराब हो गया. दोबारा वह जब सितंबर में गर्भवती हुई तो डॉक्टर ने उसे बेड रेस्ट की सलाह दी थी, लेकिन विभाग द्वारा उसे पहले तो रांची बुलाया गया. फिर रांची से सिमडेगा कमान काट दिया गया. जहां उसने गर्भ में पल रहे बच्चे की परवरिश के कारण जाने से जब इंकार कर दिया तो उसके खिलाफ अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर उसके वेतन पर रोक लगा दी गई. मार्च में पुनः उसका कमान रांची से दुमका मुख्यालय काट दिया गया. वह बार-बार रांची एसआईआरबी कार्यालय के इंचार्ज दामोदर से गुहार लगाती रही कि कम से कम 2 महीने उसे रांची में रहने दिया जाए ताकि उसका प्रसव सुरक्षित तरीके से हो जाए. लेकिन इंचार्ज ने उसकी गुहार को मजाक समझा.

    दुमका पहुंचते ही बिगड़ने लगी तबीयत

    नौकरी बचाने के उद्देश्य से सरोज बिरहोर 4 मार्च को दुमका पहुंच गई. लेकिन, सफर के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. वह डर के मारे डॉक्टर के पास नहीं जाना चाह रही थी क्योंकि डॉक्टर ने पूर्व में ही आराम करने और सफर नहीं करने की हिदायत दी थी. जब उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो 13 अप्रैल को वह एक निजी क्लीनिक में जाकर डॉक्टर से मिली. जांच के बाद डॉक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि बच्चे की मौत गर्भ में ही हो गई है. कड़ी मशक्कत के बाद सिजेरियन के सहारे गर्भ से मृत शिशु को बाहर निकाला गया. महिला आरक्षी की जान तो बच गई लेकिन मां बनने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया. महिला आरक्षी सरोज बिरहोर ने विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे जिसे द न्यूज़ पोस्ट ने प्रमुखता से दिखाया और खबर चलने के बाद दुमका एसपी जो एसआईआरबी के प्रभारी भी हैं, उन्होंने संज्ञान लेते हुए रांची एसआईआरबी कार्यालय के इंचार्ज एसआई दामोदर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.

    रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका  


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