धनबाद के सेंट्रल गुरुद्वारा में धूमधाम से मनाया गया वैशाखी पर्व


धनबाद (DHANBAD) : वैशाखी पर्व सिख धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है. इस पर्व को खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. धनबाद के बड़ा गुरुद्वारा में काफी संख्या में नासिर सिख समुदाय के लोग बल्कि दूसरे धर्म के लोग भी पहुंचे और मत्था टेका बता दें कि लगभग 2 साल के बाद एक बार फिर से गुरुद्वारे में इस तरह की भीड़ देखने को मिली पूजा के बाद सभी लोगों के लिए जलपान और लंगर की व्यवस्था की गयी हैं.
की जाती है फसल की पूजा
देशभर में बैसाखी का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. देश के विभिन्न हिस्सों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है. सिख समुदाय के लोग इस पर्व को काफी महत्वपूर्ण मानते हैं, इस पर्व की शुरुआत सिख पंथ के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह ने 13 अप्रैल 1699 को खालसा पंथ की स्थापना की थी.इसके साथ ही इस दिन से बैसाखी पर्व की शुरुआत भी हुई थी.सिख धर्म की स्थापना के साथ-साथ फसल पकने के रूप में ये पर्व मनाते हैं. दरअसल, इस माह रबी फसल पक कर तैयार हो जाती है और काटना शुरू कर देते हैं. किसान लोग अपनी खुशी त्योहार के रूप में मनाते हैं.
रिर्पोट : शांभवी/ रंजना
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