सेवा समाप्त करने पर पोषण सखियों ने खटखटाया अदालत का दरवाजा, याचिका दाखिल
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टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : पोषण सखियों ने गुरुवार को अतिरिक्त आंगनबाड़ी सेविका सह पोषण परामर्शी की अपनी सेवा समाप्त करने के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका पोषण सखी संघ की सचिव प्रमिला कुमारी की ओर से दाखिल की गई है. बता दें कि झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक अप्रैल 2022 की तिथि से 10,388 पोषण सखियों की सेवा समाप्त कर दी है. इस बाबत आदेश भी जारी कर दिया गया है.
अतिरिक्त आंगनबाड़ी सेविका सह पोषण परामर्शी के रूप में हुई थी नियुक्ति
राज्य में कुपोषण से निपटने के लिए केंद्र प्रायोजित समेकित बाल विकास परियोजना (icds) के तहत इनकी बहाली की गई थी. पोषण सखियां अस्थाई तौर पर मानदेय पर बहाल की गई थीं. इन्हें प्रतिमाह तीन हजार रुपए बतौर मानदेय दिया जा रहा था. झारखंड के छह जिलों में ये महिलाएं सेवा दे रही थीं. केंद्र सरकार के निर्देश पर वर्ष 2015 में धनबाद, गिरिडीह, दुमका, गोड्डा, कोडरमा और चतरा में अतिरिक्त आंगनबाड़ी सेविका सह पोषण परामर्शी के रूप में इनकी नियुक्ति हुई थी. लेकिन दो साल बाद यानि वर्ष 2017 से ही इनके मानदेय की राशि बंद कर दी गई थी. अब राज्य सरकार ने इन पोषण सखियों की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया है. साथ ही बकाया मानदेय का भुगतान आइसीडीएस के दूसरे मदों के राज्यांश से करने का निर्णय लिया है.
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