इंटक विवाद : दिल्ली बैठक में ददई दुबे के तेवर दिखे तल्ख़, बेनतीजा रही कवायद
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धनबाद (DHANBAD) : इंटक में चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए सोमवार को दिल्ली में आयोजित बैठक में पूर्व सांसद ददई दुबे के तेवर तल्ख थे. बैठक में संजीव रेड्डी की जगह अशोक सिंह की उपस्थिति पर ददई दुबे ने एतराज किया. अशोक सिंह ,रेड्डी गुट के उपाध्यक्ष हैं. ददई दुबे ने कहा कि बात रेड्डी साहब से होगी, अशोक सिंह से नहीं. इस पर अशोक सिंह ने कहा कि रेड्डी साहब अस्वस्थ हैं, इसलिए आज की बैठक में शामिल नहीं हो सके. बावजूद इसके ददई दुबे अशोक सिंह से बात करने से इंकार कर दिया.
दो दशक से भी अधिक समय से इंटक में चल रहा विवाद
बता दें कि दो दशक से भी अधिक समय से इंटक का विवाद चल रहा है और इसको सुलझाने के कई प्रयास हुए लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. इधर, इस विवाद को सुलझाने के लिए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर 2 सदस्य वाली कमेटी इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है. कल दिल्ली में यह बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मलिकार्जुन खडके के आवासीय कार्यालय में हुई. इस बैठक में इंटक के रेड्डी और दुबे गुट को बुलाया गया था. जैसी की सूचना यहां पहुंची है, खड़गे ने कहा कि दोनों गुट का विवाद अदालत में है ,इसलिए यहां समझौता संभव नहीं दिखता.
अब क़ानूनी सलाहकारों के साथ होगी बैठक
इसके लिए दोनों गुटों के अधिवक्ताओं के साथ कांग्रेस के कानूनी सलाहकारों की बैठक होगी. जैसा भी सुझाव आएगा , आगे की कार्रवाई होगी. दो घंटे की बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला. बैठक में खडके के अलावा राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार केसी वेणुगोपाल, ददई दुबे, अशोक सिंह उपस्थित थे. 2006 से ही विवाद ख़त्म करने की लगातार कोशिश हो रही है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है. ददई दुबे इसके पहले समझौता कमेटी के सदस्य व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को सवालों के घेरे में खड़ा कर चुके हैं. श्रीमती सोनिया गांधी और मलिकार्जुन खडके को पत्र लिखकर दिग्विजय सिंह को रेड्डी गुट का मददगार बताया था. बरहाल, इंटक में विवाद का असर साफ- साफ दिख रहा है. एक समय का मजबूत और ताकतवर संगठन धीरे धीरे कमजोर हो गया है.
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