सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से आजीज हो कर ग्रामीणों ने श्रमदान कर बनायी सड़क


गुमला(GUMLA): प्रकृति और सौन्दर्य से हरा- भरा झारखंड का गुमला जिला आज भी विकास से मीलों दूर है. जिला के घाघरा के ग्रामीण वर्षों से विकास की बाट जोह रहे हैं. एक तरफ सरकार हर गांव को सड़क से जोड़ने का दावा करती है. वहीं दूसरी तरफ गुमला जिले में पहुंचने के लिए ढंग की सड़कें तक नहीं है. यही वजह है कि इस गांव के लोगों ने सरकार पर भरोसा न कर खुद से ही श्रमदान कर सड़क बना डाली है. जिले के घाघरा के ग्रामीणों ने श्रमदान कर अपनी लम्बे समय से चली आ रही समस्या का समाधान कर लोगों के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है, साथ ही सरकार और जिला प्रशासन को आइना भी दिखाया है.
महिला और पुरुषों ने आपसी सहयोग से किया सड़क निर्माण
आज जिला के विभिन्न इलाकों में सड़क की स्थिति सही नहीं होने को लेकर लगातार ग्रामीणों द्वारा सड़क बनवाने की फरियाद की जाती है. इसके बावजूद सरकार, प्रशासन और डनप्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं. लेकिन वहीं जिला के ही घाघरा ब्लॉक के ग्रामीणों ने अपनी समस्या को लेकर प्रशासन से फरियाद करने की बजाय खुद एकजुट होकर श्रमदान कर सड़क का निर्माण करने का काम शुरू कर दिया है. इस इलाके की महिला पुरुष घरों से निकले और आपसी सहयोग से सड़क का निर्माण कर दिया. ग्रामीणों ने कहा कि यह समस्या उनके लिए एक बड़ी समस्या बनती जा रही थी. जिसके बाद बैठक कर उन्होंने इसके समाधान के लिए पहल की है.
डीसी ने सड़क निर्माण का दिया भरोसा
वहीं जब ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर सड़क बनाने की सूचना जिला के डीसी को मिली तो उन्होंने भी इन लोगों के पहल की सराहना की. डीसी सुशांत गौरव ने कहा कि सरकार ग्रामीणों के लिए होती है जहां ग्रामीणों की सारी सुविधा बहाल करने की कोशिश होती है. लेकिन अगर इस तरह के जागरूक लोग हो तो प्रशासन को भी काम करने में अच्छा लगता है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क बनाया है उसे और बेहतर कैसे किया जा सकता है उसको लेकर वे काम करेंगे.
रिपोर्ट: सुशील कुमार सिंह , गुमला
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