ट्रेड यूनियनों के हड़ताल का व्यापक असर, उत्पादन-डिस्पैच पूरी तरह ठप  

    ट्रेड यूनियनों के हड़ताल का व्यापक असर, उत्पादन-डिस्पैच पूरी तरह ठप  

    धनबाद (DHANBAD) - निरसा में कोयला उद्योग में देशव्यापी हड़ताल का असर क्षेत्र में देखने को मिला. सुबह से ही हड़ताल समर्थक ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ता कोलियरियों, रेलवे साइडिंग कोयला उत्पादन और डिस्पैच के मुख्य द्वार को बंद कर यूनियन का झंडा लगा दिया. जिसके कारण कोयले का उत्पादन डिस्पैच का काम प्रभावित हुआ है. हालांकि ज्यादातर कोलियरियों मजदूरों ने सादे कागज पर हाजिरी तो बना लिया. लेकिन बत्ती घर और हाजिरी घर में बंद समर्थक यूनियन द्वारा तालाबंदी किए जाने के कारण काम पर जाने वाले मजदूरों को बत्ती नहीं मिला. जिसके कारण हुए लोग खदान में नहीं जा पाए हैं.

    रेलवे साइडिंग के मुख्य द्वार पर तालाबंदी

    वहीं दूसरी ओर खुदिया फाटक सेंट्रल पुल स्थित ईसीएल के रेलवे साइडिंग में रेलवे का रैक तो लगा हुआ है. लेकिन कोयला लदाई का काम बंद है. सोमवार सुबह से ही बंद समर्थक यूनियन के नेताओं ने रेलवे साइडिंग के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर यूनियन का झंडा लगा दिया है. जिसके कारण मजदूर और पेलोडर रेलवे साइडिंग नहीं जा सका. इसके कारण रेलवे साइडिंग में कोयले की लदाई का काम नहीं हो सका. बंद समर्थक यूनियन के नेताओं ने दावा किया कि बंद शत प्रतिशत सफल है. वहीं दूसरी ओर भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध मजदूरों ने हाजिरी तो बना ली, लेकिन वे खदान नहीं जा सके हैं.

    मजदूरों के हक और अधिकार को छीनने का काम

    वहीं बंद समर्थक यूनियन के नेताओं ने कहा कि केंद्र की हिटलरशाही नीतियों और मजदूर किसानों के हितों की लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में मजदूर आंदोलन रत हैं. सार्वजनिक उपक्रमों को निजी पूंजीपतियों को सौंप कर सरकार मजदूरों को पुनः बंधुआ मजदूर बनाने पर आमादा है. 44 श्रम कानूनों में संशोधन कर मजदूरों के हक और अधिकार को छीनने का काम किया जा रहा है. साथ ही कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए नए-नए श्रम कानून बनाए जा रहे हैं. मजदूरों ने अपना हक और अधिकार लड़ कर लिया है. लड़कर अपने अधिकार को बचाने का भी काम करेंगे.

    रिपोर्ट : विनोद सिंह, धनबाद (निरसा)


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news