"राजस्व पर भारी पड़ेगा बाजार शुल्क, घाटे में रहेगी सरकार"

    "राजस्व पर भारी पड़ेगा बाजार शुल्क, घाटे में रहेगी सरकार"

    जमशेदपुर(JAMSHEDPUR) : राज्य सरकार की ओर से बाजार शुल्क लगाए जाने की सूचना से बिफरे व्यापारी आंदोलन की ठान चुके हैं. उन्होंने कहना है कि अगर बाजार शुल्क लगा तो वे जोरदार आंदोलन करने को विवश हो जायेगे. सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विजय आनंद मुनका ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए यह जानकारी दी है कि राज्य सरकार ने कृषि उत्पाद बाजार समिति में 2% बाजार शुल्क लगाने का प्रस्ताव विधानसभा में पारित किया है. उन्होंने कहा कि अगर यह सही है तो पूरे राज्य से शुल्क वसूले जाने पर करीबन 10 गुना अधिक जीएसटी का नुकसान राज्य सरकार को होगा.

    विजय आनंद मुनका ने जानकारी दी कि झारखंड के पड़ोसी राज्य बिहार, बंगाल और उड़ीसा कहीं पर भी बाजार समिति शुल्क नहीं है. बाजार समिति शुल्क लगाए जाने के उपरांत सीमावर्ती राज्य के थोक विक्रेता झारखंड राज्य में प्रचुर मात्रा में माल भेजेंगे. इससे कि झारखंड सरकार को जीएसटी में हो रहे राजस्व की भारी क्षति होगी. उन्होंने कहा कि पहले से ही जनता महंगाई की मार झेल रही है. इस तरह बाजार समिति पर 2% शुल्क लगाने से जनता पर और महंगाई का बोझ बढ़ेगा. इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष ने एक बैठक कर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख बाजार समिति पर 2% शुल्क बढ़ाए जाने को वापस लेने की मांग की है.

    रिपोर्ट: रंजीत ओझा, जमशेदपुर  


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