आवासीय और जाति प्रमाणपत्र बनाने में अधिकारियों की मनमानी, जरूरतमंद को नहीं मिल रहा लाभ

    आवासीय और जाति प्रमाणपत्र बनाने में अधिकारियों की मनमानी, जरूरतमंद को नहीं मिल रहा लाभ

    देवघर (DEOGHAR) : पिछड़ी जाति के लोगों का आवासीय और जाति प्रमाणपत्र बनाने में अधिकारियों की मनमानी से खासकर अभ्यर्थियों को इससे मिलने वाले लाभ से वंचित रहना पर रहा है. यही कारण है कि इस वर्ग में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है. ये बातें राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य राजेन्द्र प्रसाद ने कही. इस संबंध में पिछड़ा वर्ग के लोगों द्वारा आयोग से कई शिकायत भी की गई थी. इसी को लेकर आयोग के सदस्य ने अधिकारियों संग बैठक कर कई विषयों पर चर्चा की.

    जाति, आवासीय प्रमाण पत्र ससमय बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश

    आयोग के सदस्य राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि 2019 में ही सरकार की ओर से राज्य के सभी जिला में पिछड़ा वर्ग से जुड़ी जनसंख्या से संबंधित आंकड़ा संग्रहित कर रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराने की दिशा में कई जानकारी प्राप्त की गई है. देवघर में जनसंख्या का आंकड़ा संग्रहित करने में भी अधिकारियों की उदासीनता से आयोग के सदस्य नाराज़ दिखे. उन्होंने ओबीसी का जाति, आवासीय प्रमाण पत्र ससमय बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है. इसके अलावा जो भी कल्याणकारी योजनाएं चल रही है उसका लाभ भी जरूरतमंद को मिले इसपर विशेष ध्यान रखने का भी निर्देश दिया गया है.

    रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा, देवघर


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