पानी के लिए 93 दिनों की पदयात्रा ! बागबेड़ा से दिल्ली की ओर पैदल निकले ग्रामीण
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जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) – जमशेदपुर के बागबेड़ा वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना के अधर में लटक जाने के बाद अब ग्रामीणों ने हर घर पानी मिले इस मांग को लेकर बागबेड़ा से दिल्ली के लिए 93 दिनों की पदयात्रा शुरू की है. जहां ग्रामीणों का 21 सदस्य जत्था बागबेड़ा हरहरगुट्टू काली मंदिर से दिल्ली के लिए कूच कर गया. बता दें कि बागबेड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हर घर पानी मिले इसके लिए लगातार ग्रामीणों के आंदोलन को देखते हुए बागबेड़ा बृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना की आधारशिला 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के द्वारा रखी गई. इस योजना को 2018 तक पूरा हो जाना था.
फिल्टर प्लांट भवन हो रहा जर्जर
इस योजना की शुरुआत 237 करोड़ की लागत से हुई थी और 211 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद 2022 तक यह योजना धरातल में नहीं उतर पाई है. इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ साथ आम लोगों ने सैकड़ों बार आंदोलन किया पर निष्कर्ष शून्य निकला. क्षेत्र में जल संकट लगातार गहराता चला जा रहा है. इस योजना के तहत बने फिल्टर प्लांट का भवन जर्जर होता जा रहा है. बड़ौदा घाट नदी में पाइप लाइन बिछाने के लिए बनाये गए पाए में दो पाया पानी में बह चुका है. स्थिति भयावह होती देख एक बार फिर संपूर्ण धाकड़ी विकास समिति बागबेड़ा महानगर विकास समिति द्वारा आंदोलन का रूप अख्तियार करते हुए हर घर पानी मिले इस मांग को लेकर बागबेड़ा हरहरगुट्टू काली मंदिर से दिल्ली तक के लिए पैदल पदयात्रा शुरू की गई. बता दें कि 93 दिनों की इस पदयात्रा में सर्वप्रथम पूर्वी सीमांत जिले के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए रांची राजभवन का घेराव करते हुए यह सभी दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. इस दौरान इन्होंने अपने सदस्यों में मेडिकल टीम को भी शामिल किया है. ताकि किसी तरह की अनहोनी से निपटा जा सके वही जानकारी देते हुए बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने कहा कि जब तक हर घर पानी नहीं मिल जाता है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
रिपोर्ट : रंजीत ओझा, जमशेदपुर
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