तुष्टिकरण के कारण जघन्य अपराधों में भी जाति,धर्म देखर कार्रवाई कर रही सरकार : दीपक प्रकाश


रांची(RANCHI): राज्य में दलित और आदिवासी बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने सरकार पर निशाना साधा है . उन्होंने सरकार को बेटियों की सुरक्षा देने में सबसे विफल सरकार करार देते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां हेमन्त सरकार में असुरक्षित महसूस कर रही हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ 26 महीने में लगभग 3700 बहन-बेटियों के साथ दुष्कर्म हुए हैं. जबकि, आधे से ज्यादा मामले थानों में पहुंचने से पहले रफा-दफा किया जा रहा है. कई मामले थानों में रजिस्टर्ड भी नहीं हो पाता है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन लगभग 5 बेटियों की इज्जत तार-तार हो रही है. इसके उल्ट यह सरकार बेटियों को सुरक्षा देने से भाग रही है. अपराधियों में कानून का डर समाप्त हो गया है. उन्होंने कहा कि सर्वाधिक दुष्कर्म के मामले दलित आदिवासियों के साथ घट रही है. उन्होंने बोकारो के पेटरवार में हुए दलित नाबालिग युवती के साथ दुष्कर्म मामले पर भी सवाल उठाया और कहा कि हेमन्त सरकार की पुलिस प्रशासन इस मामले को भी दबाने व मामले में पेंच लगाकर केस का रुख बदलने में जुटी हुई है.
सरकार धर्म और मजहब देख कर कर रही है कार्रवाई
दीपक प्रकाश ने कहा कि हद तो यह है कि दुष्कर्म और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं में सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है. पीड़ित परिवार को न्याय देने के बजाए परेशान किया जा रहा है, वहीं आरोपियों को सम्मान दिया जा रहा है. सरकार जघन्य अपराध में भी जाति, धर्म, मजहब देखकर कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण पूरा प्रदेश जल रहा है. उन्होंने कहा कि भूखल घांसी से लेकर रूपा तिर्की, संजू प्रधान, रूपेश पांडेय, पेटरवार में दुष्कर्म समेत सैकड़ों घटनाओं में धर्म और मजहब देखकर कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश संविधान से चलता है ना कि तुष्टिकरण की राजनीति से. सरकार बेटियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए नहीं तो भाजपा सरकार को चैन से सोने नहीं देगी. भाजपा आन्दोलन की श्रृंखला खड़ी करेगी.
4+