गुरुजी क्रेडिट कार्ड स्कीम : छात्रों के सपनों को पंख देने का दावा

    गुरुजी क्रेडिट कार्ड स्कीम : छात्रों के सपनों को पंख देने का दावा

    रांची (RANCHI) : झारखंड के वैसे गरीब छात्रों के लिए सरकार ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड स्कीम शुरू करने की घोषणा की है. वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में भी इसका प्रस्ताव रखा गया है. सरकार का लक्ष्य 2022 खत्म होने से पहले ही इस स्कीम को शुरू करने की है. सरकार इसे जल्द से जल्द शुरू करना चाहती है. इसके लिए सबंधित अधिकारियों को आवश्‍यक दिशा निर्देश भी दे दिए गए हैं.   

    क्या है गुरुजी क्रेडिट कार्ड स्कीम?

    गुरुजी क्रेडिट कार्ड स्कीम राज्य के गरीब छात्रों को कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराने की एक योजना है. इसके तहत गरीब छात्र अपनी उच्च शिक्षा बिना किसी कठिनाई के पूरी कर सकें. इस योजना के माध्‍यम से राज्य के छात्रों को 10 लाख रुपए तक के एजुकेशन लोन का लाभ दिया जाना है.

    इस स्कीम का लाभ किसे मिलेगा?

    इस स्कीम से लाभार्थियों की बात करें तो राज्य के गरीब छात्रों को इसका लाभ मिलेगा. किसी खास वर्ग को लाभ मिले जाने के सवाल पर वित्त सचिव ने कहा कि यह स्कीम राज्य के सभी वर्ग के छात्रों के लिए होगा. अगर हम इस स्कीम की क्राइटेरिया की बात करें तो इसके बारे में सरकार की ओर से अभी कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं की गई है. मगर, कुछ बिन्दु हैं जो हर छात्र और छात्राओं के लिए अनिवार्य होगी.

    1. योग्य उम्मीदवार झारखंड राज्य का स्थाई नागरिक होना चाहिए.

    2. केवल राज्य के बच्चे ही योजना का लाभ ले पाएंगे.

    3. आधार कार्ड

    4. निवास प्रमाण पत्र

    5. जाति प्रमाण पत्र

    6. पासपोर्ट साइज फोटो

    7. बैंक अकाउंट

    8. मोबाइल नंबर

    9. पारिवारिक आय प्रमाण पत्र

    अगर आप इन सभी बिंदुओं पर खरे उतरते हैं तो आप गुरुजी क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाइ कर सकते हैं. अप्लाइ कहां और कब से करनी है, इसके लिए जल्द ही सरकार जानकारी उपलब्ध कराएगी.

    आखिर इसकी जरूरत क्यूं पड़ी?

    अक्सर हमने देखा है कि गरीब छात्र पैसों की तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं. अगर कोई छात्र आगे की पढ़ाई के लिए बैंक से लोन लेना भी चाहते हैं तो उन्हें अपनी कोई भी संपत्ति मॉर्गेज के रूप में बैंक में जमा करनी पड़ती है. ज्यादातर गरीब परिवारों के पास मॉर्गेज के रूप में रखने के लिए कोई प्रॉपर्टी नहीं होती है. ऐसे में वे लोन लेने लायक भी नहीं रहते हैं. दूसरा अगर किसी छात्र को बैंक लोन भी देता है तो बैंक उस छात्र से ज्यादा ब्याज लेता है. इसके साथ ही बैंक को एक गारंटर भी चाहिए होता है जो लोन ना चुकाने की स्थिति में इसकी जिम्मेवारी ले.

    गुरुजी क्रेडिट कार्ड बैंक लोन से कैसे अलग है?

    अब सवाल उठता है कि गुरुजी क्रेडिट कार्ड बैंक लोन से अलग कैसे है? तो इसका जवाब बजट सत्र के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह ने दिया. उन्होंने बताया कि गुरुजी क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत छात्रों को 10 से 15 लाख तक की राशि लोन के रुप में बैंक की तुलना में बहुत ही कम ब्याज दर पर दी जाएगी. इसके लिए छात्रों को किसी भी तरह का कोई मॉर्गेज कहीं भी जमा नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने ये भी बताया कि इस स्कीम के तहत छात्रों का लोन गारंटर खुद सरकार बनेगी.

    सरकार ने छात्रों के भविष्य और उनकी शिक्षा को देखते हुए एजुकेशन लोन देने की घोषणा तो कर दी है, मगर, यह कब धरातल पर उतरेगा और कितने गरीब लोग इसका लाभ उठा पाएंगे. ये देखने वाली बात होगी. साथ ही इस स्कीम के लागू हो जाने के बाद सरकार सभी वर्गों को समान तराजू पर तौलती है, जैसा कि अभी सरकार के अधिकारियों द्वारा वादा किया जा रहा है, या इसमें भी कोई फेरबदल होगी, ये एक बड़ा सवाल है.

     


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